देहरादून। दून में ओला, उबर और रैपिडो जैसे ऐप के माध्यम से निजी वाहनों के व्यावसायिक संचालन के खिलाफ आरटीओ ने अभियान चलाया। तीन दिवसीय छापेमारी के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 17 वाहनों को सीज कर दिया गया है। आरटीओ की चार टीमों ने 5 अप्रैल से 7 अप्रैल के बीच शहर के राजपुर रोड, मसूरी मार्ग, चकराता रोड और शिमला बाईपास समेत प्रमुख मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान अधिकारियों ने खुद यात्री बनकर रैपिडो और ओला ऐप से बुकिंग की। जैसे ही निजी नंबर की गाड़ियां सवारी लेने पहुंचीं, उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया गया। अभियान में 143 दुपहिया और 43 चौपहिया वाहनों की जांच की गई। आरटीओ प्रवर्तन डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि उत्तराखंड में केवल पीली नंबर प्लेट वाले व्यावसायिक वाहनों को ही ऐप पर पंजीकृत करने की अनुमति है। निजी वाहनों का कमर्शियल इस्तेमाल गैरकानूनी है। परिवहन विभाग अब इन एग्रीगेटर कंपनियों के लाइसेंस रद्द करने के लिए राज्य परिवहन प्राधिकरण को सिफारिश भेज रहा है। इस कार्रवाई से अवैध रूप से टैक्सी चला रहे वाहन स्वामियों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने साफ किया है कि यह अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा।
ओला-उबर और रैपिडो में चल रहे 17 प्राइवेट वाहन सीज






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