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परमार्थ निकेतन आश्रम में हुआ विश्व धरोहर दिवस पर गोष्ठि का आयोजन

ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन आश्रम में विश्व धरोहर दिवस पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने आमजन को ऐतिहासिक और आध्यत्मिक स्थलों के अलावा प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने कथा और क्लब कल्चर के अंतर को भी स्पष्ट किया। गुरुवार को परमार्थ निकेतन आश्रम में विश्व धरोहर दिवस पर गोष्ठि का आयोजन किया गया, जिसमें विश्व की महान धरोहरों और उनके संरक्षण पर विचार विमर्श किया गया। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक और आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए हमें आगे आना चाहिए। कहा कि हमारे वन, पर्वत, झील, मरुस्थल, ग्लेशियर और नदियां भी इन्हीं धरोहरों का हिस्सा हैं। यह सभी विरासत स्थल हमारे देश की अमूल्य संपदा है।
कथा समाज में जीना सिखाती है: जया किशोरी
परमार्थ निकेतन पहुंची प्रसिद्ध कथा वाचक जया किशोरी ने श्रीमद्भागवत कथा में प्रभु श्रीकृष्ण के जन्म की दिव्य कथा और समुद्र मंथन का प्रसंग सुनाया। कहा कि कथाएं प्रभु का सुन्दर चरित्र और हमारे ऋषि हमारी धरोहर हैं। कथा अपने लिये नहीं समाज के लिये जीना सिखाती है। जीवन में साधना और साधनों का एक सेतु हो तो जीवन में प्रसन्नता भी होती है और सफलता भी होती है। इस अवसर पर पीडी अग्रवाल, सुलोचना, मानसी, सौरव अग्रवाल, विनती अग्रवाल, प्रियंका स्वरूप, तिलक स्वरूप, प्रीति स्काइल्स, ज्योफ स्काइल्स,शिकागो आदि उपस्थित थे।