देहरादून। उत्तराखंड जल संस्थान एवं पेयजल निगम संयुक्त मोर्चे ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से मुलाकात कर पेयजल के राजकीयकरण की मांग की। मुख्य संयोजक जितेंद्र सिंह देव के नेतृत्व में सीएम से हुई मुलाकात में कर्मचारियों ने राजकीयकरण होने तक ट्रेजरी से वेतन, पेंशन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने पर जोर दिया। सीएम आवास में हुई मुलाकात में मोर्चा पदाधिकारियों ने सीएम को मांग पत्र सौंपा। पदाधिकारियों ने कहा कि पेयजल के राजकीयकरण को लेकर सरकार जल्द पुराना वादा निभाए। पेयजल के राजकीयकरण और राजकीयकरण होने तक ट्रेजरी से वेतन, पेंशन भुगतान को लेकर शासन को रिपोर्ट मिल गई है। सरकार जल्द वित्त का अनुमोदन लेने के साथ ही प्रस्ताव कैबिनेट में लाकर मंजूरी दिलाए। कहा कि पूर्व में वित्त विभाग इस सम्बन्ध में अपनी स्वीकृति दे चुका है। कहा कि ऐसा किए जाने से सबसे बड़ा लाभ सरकार को ही होने जा रहा है। पेयजल के राजकीयकरण होने से योजनाओं के निर्माण और संचालन में जवाबदेही सुनिश्चित होगी। जल निगम का सेंटज का पैसा और जल संस्थान का पानी के बिलों का पैसा शासन को मिलने से कोई वित्तीय भार भी नहीं पड़ने वाला है। सीएम की ओर से जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। ज्ञापन देने वालों में मुख्य संयोजक जितेंद्र देव, प्रदेश संयोजक रमेश बिंजोला, विजय खाली, अजय बेलवाल, श्याम सिंह नेगी, संदीप मल्होत्रा, लक्ष्मी नारायण भट्ट, धन सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
ठेका कर्मियों के समायोजन की मांग
मोर्चा ने विभाग में ठेकेदारी प्रथा पर कार्यरत श्रमिकों को विभाग में समायोजित करने की मांग की। कहा कि इन कर्मचारियों का मासिक पारिश्रमिक 25 हजार रुपए किया जाए। समय पर पूरा वेतन भुगतान सुनिश्चित कराया जाए।
सीएम से की पेयजल के राजकीयकरण की मांग









