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तंबाकू उत्पादन बेचने को लाइसेंस होगा अनिवार्य

ऋषिकेश।  राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत नगर निगम क्षेत्र में तंबाकू उत्पाद विक्रेताओं को लाइसेंस के दायरे में लाया जाएगा। निगम प्रशासन ने इसके लिए उपविधि तैयार करना शुरू कर दिया है। महीनेभर बाद यह उपविधि सार्वजनिक होगी, जिसमें आपत्तियों का निस्तारण कर शहर में नियमों का लागू कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी में तंबाकू के प्रति आकर्षण और लत से छुटकारा दिलाना है। राज्य सरकार के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने यह कार्यवाही शुरू की है। कोटपा अधिनियम 2003 के प्रावधानों के मद्देनजर निगम की उपविधि बन रही है, जिसमें तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में अहम भूमिका निभा रहे एनजीओ का भी शामिल किया गया है। उपविधि में विक्रेताओं को लाइसेंस प्रणाली के अधीन लाने के साथ ही दुकानों की दूरी निर्धारित करने की तैयारी है। इसमें स्कूल व अन्य के आसपास के 100 मीटर के दायरे में पूर्व से ही प्रतिबंध को भी सख्त करना शामिल है। निगम के अधिकारियों का मानना है कि जगह-जगह तंबाकू उत्पादों की दुकानों की वजह से नई पीढ़ी में न सिर्फ आकर्षण, बल्कि तंबाकू उत्पाद की लत के मामले भी सामने आ रहे हैं। तंबाकू नियंत्रण के तहत उपविधि में लाइसेंस की अनिवार्यता को उन्होंने महत्वपूर्ण माना है। कार्रवाई में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को भी उन्होंने सहयोगी बनाया है। महीनेभर बाद यह उपविधि सार्वजनिक कर आपत्तियों के निस्तारण के साथ इसे लागू करने की तैयार भी की जा रही है। सोमवार को एनजीओ के सदस्यों ने निगम के कर अधीक्षक कार्यालय में इस बाबत चर्चा भी की। सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट ने बताया कि उपविधि का कार्य जल्द ही पूरा होने जा रहा है, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया को अपनाते हुए इसे शहर में लागू किया जाएगा।