ऋषिकेश। परमार्थ निकेतन में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, नमामि गंगे और अर्थ गंगा के संयुक्त तत्वावधान में पांच दिवसीय गंगा जागरूकता एवं आरती कार्यशाला मंगलवार को संपन्न हो गई। इस दौरान पांच राज्यों के 26 पंडितों का गंगा आरती का प्रशिक्षण देकर उन्हें प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। कार्यशाला के समापन मौके पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कार्यशाला में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 26 पंडितों को प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि इस विशेष कार्यशाला में गंगा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए गंगा तटों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया और घाटों पर सात्विकता, स्वच्छता और सद्भाव बनाए रखने के विषय में भी प्रशिक्षण भी दिया गया। कार्यशाला का उद्देश्य गंगाजी के संरक्षण, स्वच्छता, और पवित्रता के महत्व के बारे में जनमानस में जागरूकता फैलाना है। क्योंकि गंगा न केवल एक नदी है, बल्कि भारत के सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक जीवन का अभिन्न अंग है। आरती के साथ जागरूकता संदेशों को प्रसारित करना न केवल पर्यावरणीय दृष्टिकोण से बल्कि गंगा की स्वच्छता बनाये रखने के लिये भी जरूरी है। गंगा जल की हर बंद पवित्र है, और हम सभी का यह कर्तव्य है कि हम इसे स्वच्छ और सुरक्षित रखें।





