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अनुरोध श्रेणी में 100 प्रतिशत हो तबादले: शिक्षक संघ

देहरादून। शिक्षा विभाग ने इस साल अनिवार्य तबादलों के लिए पात्र शिक्षक और रिक्त पदों के ब्योरे को अंतिम रूप दे दिया गया। पंद्रह अप्रैल को इसे विभाग की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया जाएगा। दूसरी तरफ, शिक्षकों ने सरकार से अनुरोध की श्रेणी में शतप्रतिशत तबादले करने की मांग की। साथ अनुरोध किया है कि गंभीर रूप से बीमार सभी शिक्षकों को उपचार के लिए तबादले की सुविधा देने की पैरवी की। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री रमेश चंद्र पैन्यूली ने कहा कि अनिवार्य श्रेणी के तबादले में सरकार पर वित्तीय भार पड़ता है। लेकिन अनुरेाध श्रेणी में तबादला करने पर वित्तीय भार शून्य होता है। इसलिए अनुरोध के आधार पर तबादले के लिए आवेदन करने वाले सभी शिक्षकों को तबादले का लाभ दिया जाए।
पैन्यूली ने कहा कि सरकार से इस साल भी काउंसलिंग की व्यवस्था को जारी रखने की मांग की जा रही है। पिछले साल तबादले काउंसलिंग के माध्यम से हुए थे। अधिकांश शिक्षकों को उनके इच्छित स्थान पर तबादला मिल गया था। काउंसिलिंग की वजह न तो कोई विवाद ही हुआ और शिक्षकों को कोर्ट केस भी नहीं करने पड़े। जल्द ही शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत और माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ.मुकुल कुमार सती से संघ का प्रतिनिधिमंडल मुलाकात कर ज्ञापन देगा।
पूर्व महामंत्री डॉ.सोहन सिंह माजिला ने कहा कि शिक्षा मंत्री और विभाग से अनिवार्य श्रेणी में भी 10 या 15 प्रतिशत की अधिकतम सीमा की बाध्यता को खत्म करने की मांग की भी गई है। शिक्षा विभागों में हजारों की संख्या में शिक्षक वर्षों से दुर्गम क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। सीमा तय होने से हर साल हजारों शिक्षक तबादलों से चूक जाते हैं। सरकार से विभाग में उपलब सभी रिक्त रिक्त पदों पर तबादले करने की मांग की गई है।

” तबादला टाइम टेबल के अनुसार कार्यवाही को अंजाम दिया जा रहा है। पंद्रह अप्रैल तक रिक्त पद और अनिवार्य श्रेणी में आने वाले शिक्षक-कार्मिकों की लिस्ट जारी कर दी जाएगी। अटल उत्कृष्ट स्कूलों में फिलहाल पूर्ववत व्यवस्था के तहत ही तबादले किए जाएंगे। – डॉ. मुकुल कुमार सती, माध्यमिक शिक्षा निदेशक