देहरादून। दून में बस्ती बचाओ आंदोलन के तहत गुरुवार को विभिन्न संगठन और प्रभावितों ने कैंडिल मार्च निकाला। मार्च से शामिल लोगों ने चेताया कि यदि रिस्पना-बिंदाल पर ऐलिवेटेड रोड के लिए बस्तियों को उजाड़ा गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। कैंडिल मार्च गुरुवार को पटेलनगर स्थित लालपुल से शुरू हुई, जो न्यू पटेलनगर से सत्तोवाली घाटी पहुंचा। यहां हुई सभा में आंदोलन के संयोजक अनंत आकाश ने कहा कि एलिवेटेड रोड के लिए बस्तियों को उजाड़ने की तैयारी चल रही है, जो उचित नहीं है। कहा कि चुनाव के वक्त बस्ती वासियों से उनके नियमितिकरण के वायदे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव संपन्न होने के बाद सरकार सब भूल जाती है। उन्होंने कहा कि यदि बस्तियों को हटाना जरूरी है तो सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश के अनुसार प्रत्येक प्रभावित को उचित मुआवजा देकर पुनर्वासित किया जाए। उन्होंने एनजीटी के बेदखली के फैसले पर भी रोक लगाने और बस्तियों को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सरकार से ठोस पैरवी करने की मांग की है। कहा कि सरकार को अपने वायदे के अनुरूप जल्द से जल्द बस्ती वालों को मालिकाना हक दें। इस मौके पर कांग्रेस मंडल अध्यक्ष मोहम्मद अल्ताफ, महिला समिति प्रदेश अध्यक्ष इंदू नौडियाल, जिलाध्यक्ष नुरैशा, उपाध्यक्ष बिंदा मिश्रा, सीटू महामंत्री लेखराज, पूर्व प्रमुख अर्जुन रावत, हरीश कुमार, शबनम, सुरेशी नेगी आदि मौजूद रहे।



