देहरादून। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी ने रविवार को यूजेवीएनएल की ऐतिहासिक ग्लोगी लघु जल विद्युत परियोजना का दौरा किया। वर्ष 1907 में मसूरी के नजदीक स्थापित यह परियोजना 118 वर्षों से लगातार सालाना आठ मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन कर रही है। भाखड़ा व्यास प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी ने धरोहर के रूप में सहेजी गई इस परियोजना के तकनीकी एवं ऐतिहासिक पक्षों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इंग्लैंड और स्वीडन में निर्मित परियोजना की मशीनों के अनुरक्षण और परिचालन प्रणाली को देखा। परियोजना से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें परियोजना की निरंतर कार्यशीलता, तकनीकी दक्षता और रख रखाव की जानकारी दी। बताया कि जब दिल्ली जैसे शहरों में भी बिजली नहीं थी, तब ग्लोगी परियोजना से मसूरी शहर में बिजली आपूर्ति हो रही थी। भाखड़ा व्यास के अध्यक्ष मनोज त्रिपाठी ने परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को उनके समर्पण और तकनीकी उत्कृष्टता के लिए बधाई दी। कहा कि उत्तराखंड राज्य के लिए गौरव का प्रतीक यह परियोजना राज्य और निगम की ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी दक्षता और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण का उत्तम उदाहरण है। इस अवसर पर यूजेवीएनएल के उप महाप्रबंधक विद्युत एवं यांत्रिक अजय सिंह, उप महाप्रबंधक सिविल कृष्ण कुमार सिंह बिष्ट, अधिशासी अभियंता राकेश सिंह नेगी, अवर अभियंता ललित बुढ़ाकोटी आदि मौजूद रहे।
भाखड़ा व्यास के अध्यक्ष पहुंचे 118 साल पुराने ग्लोगी पावर हाउस



