पौड़ी। जल जीवन मिशन की मंगलवार को समीक्षा करते हुए डीएम ने 26 अधूरी योजनाओं को शीघ्र पूरा करने करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि मिशन की योजनाओं केा निरीक्षण अब उपजिलाधिकारियों से भी करवाया जाएगा। पेयजल योजनाओं के कामों में ढि़लाई बर्दाशत नहीं की जाएगी। जिले में जेजेएम की 2590 योजनाएं संचालित है। डीएम पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि छोटे कामों की वजह से पेयजल सप्लाई नहीं हो पा रही है, इन योजनाओं को टाइमलाइन पर ही पूरा किया जाए। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन भी अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। जल संस्थान व जल निगम के अधिशासी अभियंताओं से कहा कि जहां कनेक्शन दिए गए हैं, वहां पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जाए और जो 26 योजनाएं अभी नहीं बन पाई उनमें वैकल्पिक पेयजल की व्यवस्था हो। इसके साथ ही सभी बीडीओ को “हर घर जल” प्रमाणन की प्रक्रिया में तेज लाने और क्षेत्रीय निरीक्षण को अधिक प्रभावी बनाने को कहा। डीएम ने पेयजल से जुड़ी जन शिकायतों का तत्काल समाधान करने के भी निर्देश अफसरों को दिए। कहा कि वन विभाग से समन्वय कर योजनाओं को शीघ्र पूरा किया जाए और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में विशेष ध्यान दें। डीएम ने कहा कि बजट की कमी से कोई काम रुके नहीं। इसके साथ ही पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर पाइपलाइन की दूरी से संबंधित आंकड़ों को भी शीघ्र अपडेट करने के निर्देश भी डीएम ने दिए। इस बैठक में सीडीओ गिरीश गुणवंत, जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता प्रवीण सैनी, जल निगम के अधीक्षण अभियंता मो. मीशम, एसडीओ वन विभाग आयशा बिष्ट, जल संस्थान कोटद्वार के अधिशासी अभियंता अभिषेक मिश्रा आदि अफसर मौजूद रहे।
एसडीएम भी करेंगे जल जीवन मिशन योजनाओं का निरीक्षण



