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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की 13 सुरंगे बनकर तैयार: अश्विनी वैष्णव

देहरादून। केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद अजय भट्ट के सवाल के जवाब में लोकसभा में बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की 16 में से 13 सुरंगों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में 40,384 करोड़ लागत की तीन नई रेलवे लाइनों को अभी तक मंजूरी दी गई है। सांसद अजय भट्ट ने लोकसभा में पिछले तीन वर्षों और चालू वित्त वर्ष के दौरान नई रेल परियोजनाओं के लिए उत्तराखंड को परियोजनावार आवंटित कुल धनराशि के बारे में लोकसभा में प्रश्न पूछा था। बुधवार को केंद्रीय रेल मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि देवबंद-रुड़की नई लाइन परियोजना (27 किमी) पूरी हो गई है। इससे दिल्ली-देहरादून के बीच की दूरी लगभग 40 किमी कम हो जाएगी। उत्तराखंड राज्य में पूर्णतः और आंशिक रूप से आने वाले कुल 146 किलोमीटर लंबे 03 सर्वेक्षण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें दो नई लाइनें और एक दोहरीकरण का कार्य है। साथ ही अप्रैल 2025 तक उत्तराखंड में 40,384 करोड़ रुपये की लागत से कुल 216 किलोमीटर लंबाई वाली 03 नई लाइनें स्वीकृत हैं, इनमें 16 किलोमीटर रेल लाइन कमीशंड हो चुकी है। इन पर मार्च 2025 तक 19,898 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने 125 किमी. लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के बारे में जानकारी दी कि 105 किमी लंबी 16 मुख्य लाइन सुरंगों और लगभग 98 किमी लंबी 12 एस्केप सुरंगों का निर्माण शामिल है। अब तक 13 मुख्य लाइन सुरंगों और 9 एस्केप सुरंगों का निर्माण पूरा हो चुका है। इसमें भारतीय रेलवे में पहली बार हिमालयी भू क्षेत्र में सबसे लंबी 14.8 किमी. लंबी सुरंग का निर्माण टीबीएम से पूरा किया है। पारिस्थितिकी और आसपास के वातावरण को न्यूनतम नुकसान सुनिश्चित करने के लिए सुरंग निर्माण का कार्य सभी सावधानियों और नवीनतम तकनीकों के साथ किया जा रहा है।