देहरादून। सेना में प्रशिक्षण के दौरान या फिर स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह से अनफिट होने पर सेना छोड़ने वाले अफसर कैडेट्स को भी भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना(ईसीएचएस) का लाभ मिलेगा। रक्षा मंत्रालय के भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग ने इन्हें भी ईसीएचएस का लाभ देने के आदेश किए हैं। अभी तक ऐसे प्रशिक्षु अफसरों को सेना से लौटने के बाद मेडिकल की सुविधा नहीं मिलती थी। सेना में कमिशन अधिकारी बनने के लिए प्रशिक्षण लेने वाले ऐसे अफसर कैडेट्स को भी ईसीएचएस की सुविधा मिलेगी, जिन्हें पासआउट होने से पहले ही प्रशिक्षण की वजह से आई स्वास्थ्य दिक्कतों या अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की वजह से सेना छोड़नी पड़ती है।
अभी तक ऐसे कैडेट्स को भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना का लाभ सिर्फ इसलिए नहीं मिल पाता था, क्योंकि ऐसे कैडेट सेना में पासआउट नहीं हुए होते हैं और उन्हें प्रशिक्षण के बीच में ही मेडिकल आधार पर सेना छोड़नी पड़ती है। केंद्रीय भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. पीपी शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि ऐसे सभी अधिकारी कैडेट्स को ईसीएचएस की सदस्यता दी जाएगी। यह सुविधा सिर्फ अधिकारी कैडेट्स को ही मिलेगी, परिवार के अन्य सदस्य इस दायरे में नहीं आएंगे। उन्हें पैनल के अस्पतालों में कैशलेस ओपीडी, आईपीडी जांच सुविधाएं मिलेंगी। यह सुविधा तभी मिलेगी, जब वह अन्य किसी सरकारी स्वास्थ्य योजना के सदस्य न हों। ऐसे अधिकारी कैडेट्स को एक मुश्त सदस्यता शुल्क 1.20 लाख रुपये भी नहीं लिए जाएंगे।
मेडिकल आधार सेना से लौटने वाले अफसर कैडेट्स को ईसीएचएस का लाभ मिलेगा



