देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित जनजाति गौरव दिवस समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक मौके पर उन्होंने 9.68 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय नानकमत्ता का शिलान्यास किया, साथ ही नगर निकाय नानकमत्ता के 1 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित भवन का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री ने समारोह में 7 महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
– साधु नगर स्थित कैलाश नदी पर पुल निर्माण
– राय सिख भवन के लिए धनराशि स्वीकृत
– नानकमत्ता बाँध को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना
– सनातन धर्म उत्थान समिति भवन एवं मंदिर निर्माण हेतु सहायता
– ज्ञानपुर से बैलपड़ाव तक सड़क मार्ग का डामरीकरण
– पर्वतीय उत्थान समिति के लिए अतिरिक्त कक्ष निर्माण
– खटीमा के नवनिर्मित बस स्टैंड का नामकरण महाराणा प्रताप के नाम पर
मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुण्डा को श्रद्धांजलि देते हुए जनजाति समाज के संघर्ष और योगदान को स्मरण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनजातीय गौरव दिवस की शुरुआत और देशभर में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के संग्राहलयों के निर्माण को ऐतिहासिक कदम बताया। राज्य में जनजाति समाज के उत्थान के लिए चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में 128 जनजातीय गांवों को प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान में शामिल किया गया है। राज्य में चार आवासीय एकलव्य विद्यालय संचालित हैं और दो नए विद्यालयों का निर्माण प्रगति पर है। जनजाति छात्रों को निशुल्क शिक्षा, छात्रवृत्ति, तकनीकी प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग और विवाह सहायता जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह राणा, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
जनजाति गौरव दिवस पर मुख्यमंत्री धामी ने दी नानकमत्ता में विकास योजनाओं की सौगात



