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राज्य गठन के बाद बने फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्रों की जांच करे सरकार

देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने बुधवार को शहीद स्मारक में हुई बैठक में राज्य मॆं बढ़ते स्थाई निवास प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़े का मुद्दा उठाया और राज्य सरकार से फर्जीवाड़े में लिप्त कर्मचारियों की गोपनीय जांच कर उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, हरी सिंह मेहर ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच पिछले बीस सालों से लगातार सरकार से राजस्व विभाग के रिकार्ड में फर्जीवाड़ा कर स्थाई निवास प्रमाण पत्र हासिल करने वालों के मामलों को उठाता रहा है। ऐसे लोग राज्य में नौकरी करते पाए गए हैं। कई फर्जी राशनकार्ड इस आधार पर भी बन गए हैं। इससे प्रदेशवासियों के रोजगार व अधिकारों का हनन हो रहा है। प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती, सत्या पोखरियाल, गणेश डंगवाल ने बताया कि 24 जनवरी को इस विषय पर मंच जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करेगा। ज्ञापन में राज्य बनने के बाद विशेषकर तराई के जिलों में वर्ष वार स्थाई निवास प्रमाण पत्रों की गहन जांच की मांग की जाएगी। बैठक का संचालन पूरण सिंह लिंगवाल, अध्यक्षता पुष्पलता सिलमाणा ने की। बैठक में सलाहकार अधिवक्ता पृथ्वी सिंह नेगी, अरुणा थपलियाल, रामेश्वरी नेगी, यशोदा रावत, पुष्पा रावत, दुर्गा ध्यानी, रेखा पंत, सुरेश नेगी, सुशील विरमानी, चन्द्रकिरण राणा, विक्रम राणा, विनोद असवाल, देवेश्वर काला, गौरव खंडूड़ी, सतेन्द्र नौगांई, मनोज नौटियाल, विरेन्द्र सिंह रावत, प्रभात डंडरियाल, मोहन खत्री, उमेश चन्द रमोला, दुर्गा बहादुर क्षेत्री, नरेन्द्र नौटियाल मौजूद रहे।

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