हरिद्वार। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े प्रकरण पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने प्रयागराज मेला प्रशासन को गलत ठहराया। हरिद्वार में मंगलवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि माघ मेले में व्यवस्था बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है, लेकिन संत-ब्रह्मचारियों के साथ मारपीट और उनकी शिखा पकड़कर खींचना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और विचलित करने वाला कृत्य है। उन्होंने कहा कि शिखा सनातन धर्म का प्रतीक है और उसे पकड़कर खींचना किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे कृत्य में शामिल अफसर और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। श्रीमहंत ने कहा कि प्रयागराज में प्रशासन से चूक हुई है। स्नान के नियम-कानून सभी मानते हैं, लेकिन सबसे दुखद घटना यह रही कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ मौजूद साधु-संतों और वेदपाठी ब्राह्मणों को पीटा गया। शंकराचार्य हठ छोड़ें, मुख्यमंत्री पर बयानबाजी से बचें अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से भी अपील की कि उनको अब हठधर्मिता छोड़नी चाहिए। साथ ही, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अनावश्यक बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब से शंकराचार्य प्रयागराज में धरने पर बैठे हैं, तब से कई संगठन उनके समर्थन में उतर आए हैं। साधु-संतों के बीच मतभेद सामने आए हैं।
शंकराचार्य पर यूपी प्रशासन की कार्रवाई गलत: श्रीमहंत






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