देहरादून। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रांतीय आह्वान पर आठ सूत्रीय मांगों को लेकर इंजीनियर्स मुखर हो गए हैं। मंगलवार को देहरादून के यमुना कॉलोनी में हुई बैठक में इंजीनियरों ने एकजुट होकर शासन के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान किया। मंडल अध्यक्ष आशीष यादव ने कहा कि प्रदेश भर के अभियंता अपने सम्मान की रक्षा के लिए सड़कों पर हैं। बैठक की अध्यक्षता जनपद अध्यक्ष सुरेन्द्र श्रीकोटी और संचालन जनपद सचिव पूजा श्रेष्ठा ने किया। महासंघ ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2006 से लंबित वेतन विसंगतियों और पदोन्नति के मामलों में शासन का ढुलमुल रवैया अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियंताओं ने प्रारंभिक ग्रेड वेतन ₹4600 करने, 10 वर्ष की सेवा पर ग्रेड पे ₹5400 (लेवल-10) देने और पुरानी पेंशन योजना की बहाली को प्रमुखता से उठाया है। इसके अलावा समयबद्ध पदोन्नति, पारदर्शी स्थानांतरण नीति और फील्ड कर्मियों के लिए जोखिम भत्ते की मांग भी प्रमुख है। इस मौके पर प्रांतीय अध्यक्ष आरसी शर्मा ने कहा कि अभियंता राज्य की विकास की धुरी हैं, यदि उनकी उपेक्षा हुई तो आंदोलन उग्र होगा। बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष आरसी शर्मा, वीरेन्द्र गुसाईं, अनिल पंवार, दीवाकर दशमाना, शांतनु शर्मा, मुकेश रतूड़ी, चित्रंजन जोशी, उपेन्द्र गोयल, प्रमोद नेगी और पंकज सैनी आदि मौजूद रहे।







Leave a Reply