देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच की ने प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर रोष जताया। शनिवार को शहीद स्मारक पर प्रदेश में हुई बैठक में इस पर चर्चा की गई। साथ ही सख्त कार्रवाई की मांग की गई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, संयुक्त नागरिक संगठन के दिनेश भण्डारी और शिवराज सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में लगातार बढ़ रही हत्याओं और आपराधिक घटनाओं से जनता में भय और आक्रोश का माहौल है। उन्होंने कहा कि देवभूमि की छवि पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है।प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती, युद्धवीर सिंह चौहान और ताराचन्द गुप्ता ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान से बने उत्तराखंड में आज अपराध और भू-माफियाओं का प्रभाव बढ़ना चिंताजनक है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए। बैठक में मांग की गई कि अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर सचिव स्तर के अधिकारी जिलों और कस्बों में जाकर फीडबैक लें तथा लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सख्ती बढ़ाने की भी मांग उठाई गई। द्वारिका बिष्ट, तारा पाण्डे और सुलोचना भट्ट सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में चोरी, लूट, गोलीकांड और भूमि विवाद बढ़ रहे हैं, जबकि पुलिस व्यवस्था और पीसीआर सेवाएं पर्याप्त रूप से सक्रिय नहीं हैं। बैठक में केशव उनियाल, जितेंद्र अंथवाल, अवधेश शर्मा, विशंभर दत्त बौंठीयाल, गणेश डंगवाल, हरी सिंह मेहर, मनोज नौटियाल, सत्या कण्डवाल, सुरेश नेगी, पुष्पलता सिलमाणा, अरुणा थपलियाल, राजेश्वरी नेगी, विमला रावत, हरीश पंत, गिरीश चन्द भट्ट, सरोज कण्डवाल, शांति कैन्तुरा, हरिओम ओमी, सतेन्द्र नौगांई सहित अनेक आंदोलनकारी उपस्थित रहे।
राज्य आंदोलनकारियों ने बिगड़ती कानून व्यवस्था पर जताया रोष









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