पहाड़ भारत

खबर पहाड़ की

रिस्पना नदी किनारे बसे 116 परिवारों को नोटिस, आवंटित फ्लैट में होना होगा शिफ्ट

देहरादून।  मसूरी देहरादून डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमडीडीए) ने रिस्पना नदी किनारे बसी काठ बंगला कॉलोनी के 116 परिवारों को तीनों दिनों के भीतर देहरादून नगर निगम द्वारा बनाए गए हाउसिंग फ्लैट्स में शिफ्ट होने का नोटिस जारी किया है। ताजा नोटिस मिलने के बाद कॉलोनी में रहने वाले लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। नोटिस रविवार को चस्पा किए गए हैं जिसमें कहा गया है कि परिवारों को बुधवार तक आवंटित फ्लैट में शिफ्ट होना होगा। नोटिस में ये भी जानकारी दी गई है कि गुरुवार को काठ बंगला में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। नोटिस में नगर निगम द्वारा बनाए गए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस) आवास योजना के तहत फ्लैट पाने वाले पात्र परिवारों की जानकारी दी गई है। मालूम हो कि बीते साल नवंबर में भी इसी तरह का नोटिस जारी किया गया था जिसमें कॉलोनी के निवासियों को 15 दिन का समय दिया गया था। ताजा नोटिस में निवासियों को बताया गया है कि ‘नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के तहत नदी किनारे बाढ़ क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण को हटाया जाना है। इसके लिए एमडीडीए, नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन ने आपसी चर्चा के बाद 116 परिवारों को निगम द्वारा बनाए गए फ्लैट आवंटित कर दिए हैं। इन फ्लैटों में बिजली, पानी और सीवर जैसी सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।’
फ्लैट रहने के लिए तैयार: वहीं नगरपालिका आयुक्त नममी बंसल ने भी पुष्टि की कि फ्लैट रहने के लिए तैयार हैं और देरी इसलिए हुई क्योंकि जल संस्थान के साथत बातचीत जारी थी लेकिन अब ये समस्या सुलझा ली गई है। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा है कि कॉलोनी में रह रहे परिवारों को इससे पहले दो नोटिस जारी किए जा चुके हैं और उन्हें मकान खाली करने के लिए काफी समय पहले ही दिया जा चुका है। वहीं निवासियों का कहना है कि ये कैसे संभव है कि अगले तीन दिनों के भीतर अपना घर छोड़कर फ्लैट में शिफ्ट किया जाए।
बीते साल हुआ था बुलडोजर एक्शन: आपको बता दें कि बीते साल एमडीडीए ने काठ बंगला बस्ती में अवैध कब्जों पर कार्रवाई की थी। जेसीबी से 26 मकान ध्वस्त कर दिए गए थे। हालांकि इसके बाद लोगों में आक्रोश देखा गया और विरोध के बाद कार्रवाई को रोक दिया गया था। प्रशासन 100 और मकान पर बुलडोजर चलाने की तैयारी में था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *