देहरादून। उत्तराखंड स्कूल वैन एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सचिन गुप्ता के नेतृत्व में शुक्रवार को भारी संख्या में वैन संचालकों ने संभागीय परिवहन कार्यालय का घेराव किया। संचालकों ने विभाग द्वारा स्कूल वैन के लिए बिना किसी अध्ययन के मासिक शुल्क निर्धारित करने का कड़ा विरोध करते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। एआरटीओ चक्रमनी मिश्रा को ज्ञापन सौंपते हुए सचिन गुप्ता ने कहा कि एक तरफ सरकार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर रही है, वहीं दूसरी ओर परिवहन विभाग के नए नियम वैन संचालकों को आर्थिक रूप से तोड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मासिक शुल्क तय करने वाली आरटीए की बैठक में एसोसिएशन को आमंत्रित तक नहीं किया गया।संचालकों ने कहा कि वर्तमान में जो न्यूनतम शुल्क तय किया गया है, उससे परिवार पालना तो दूर, वाहन का खर्च निकालना भी मुश्किल होगा। ऐसी स्थिति में वे अपने मैक्सी कैब परमिट सरेंडर करने को मजबूर होंगे। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि लागू शुल्क पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो प्रदेशभर के स्कूल वैन संचालक सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान गगन ढींगरा, मुकेश कुमार, पवन पासवान, विपिन जोशी, सुमित कश्यप और पवन पंछी समेत बड़ी संख्या में वैन संचालक मौजूद रहे।
परिवहन कार्यालय पर गरजे स्कूल वैन संचालक, ‘मनमाने’ शुल्क के खिलाफ प्रदर्शन






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