देहरादून। उत्तराखंड पुलिस को “राष्ट्रपति पुलिस कलर” से सम्मानित किया जाना राज्य के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय है। यह सम्मान केवल एक अलंकरण नहीं, बल्कि पुलिस बल की वर्षों की वीरता, अनुशासन, उत्कृष्ट सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की मान्यता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे राज्य की गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह क्षण उत्तराखंड की परंपरा और अदम्य सेवा भावना का जीवंत प्रमाण है।
यह पुरस्कार कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद दिया जाता है, जिसमें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आंतरिक सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, जनसुरक्षा और तकनीकी नवाचार जैसे सभी आयामों का परीक्षण होता है। उत्तराखंड पुलिस ने सीमित संसाधनों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। आधुनिक तकनीक और स्मार्ट पुलिसिंग के माध्यम से जनता का विश्वास जीतना इस उपलब्धि का प्रमुख आधार रहा है।
आपदा प्रबंधन में पुलिस की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही है। 2013 की केदारनाथ आपदा सहित विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में पुलिस ने साहस और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हजारों लोगों की जान बचाई। महाकुंभ, चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा जैसे विशाल आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा संचालन पुलिस की दक्षता का प्रमाण है।
महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, पर्यटन सुरक्षा और सामुदायिक पुलिसिंग में तकनीकी सशक्तिकरण और जनसहभागिता के माध्यम से उत्तराखंड पुलिस ने एक ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है जो अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है। राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में मिला यह सम्मान 25 वर्षों की विकास यात्रा और सेवा का प्रतीक है।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने इसे पुलिस परिवारों के त्याग और सहयोग का परिणाम बताते हुए विश्वास जताया कि यह उपलब्धि भविष्य में उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करेगी। “मित्रता, सेवा, सुरक्षा” के ध्येय वाक्य के साथ उत्तराखंड पुलिस राष्ट्र और राज्य की सेवा में निरंतर अग्रसर रहेगी
राष्ट्रपति पुलिस कलर से सम्मानित हुई उत्तराखंड पुलिस







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