देहरादून। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने चकराता विधानसभा क्षेत्र में विधायक निधि के कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा ने आरटीआई से मिले दस्तावेजों के आधार पर कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। मोर्चा का दावा है कि यह खेल राज्य गठन के बाद से ही चल रहा है। शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने कहा कि यह जनता के धन के साथ सुनियोजित विश्वासघात है। आरटीआई की 531 फाइलों में न तो बिल हैं और न पर्याप्त फोटो है। नियमों को ताक पर रखकर बिना जियो-टैगिंग के कार्य दिखाए गए।
हद तो तब हो गई जब फर्जी मस्टररोल में उन लोगों के नाम दर्ज कर मजदूरी का भुगतान उठा लिया गया, जिनका निधन 10 वर्ष पहले हो चुका है। इसके अलावा, एक ही फोटो को धुंधला कर दर्जनों अलग-अलग कार्यों में पूर्णता प्रमाण पत्र के रूप में लगाया गया और बिना अस्तित्व वाली दुकानों के फर्जी बिलों पर भुगतान कर दिया गया। मोर्चा के चकराता विधानसभा प्रभारी स्वराज चौहान और सह प्रभारी अतर सिंह चौहान ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर दोषियों पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, तो चकराता ब्लॉक कार्यालय में तालाबंदी और मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय देहरादून पर जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इस दौरान चकराता ब्लॉक अध्यक्ष यशपाल रावत, कालसी ब्लॉक अध्यक्ष यशपाल राठौर, अखिल तोमर, बिट्टू वर्मा, संजय चौहान, विशाल चौहान और जसपाल चौहान समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चकराता में विधायक निधि के कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप







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