देहरादून। दून नगर निगम में पर्यावरण मित्रों की आउटसोर्स भर्ती का मामला लटकने पर राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने नाराजगी जताई है। उन्होंने पर्यावरण मित्रों की आउटसोर्स भर्ती के लिए शासन से सैंद्वानतिक अनुमति लेने के लिए अधिकारियों से प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। बैठक में नगर आयुक्त की अनुपस्थिति पर आयोग उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताई। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने शुक्रवार को नगर निगम सभागार में सफाई कर्मचारियों के मुद्दे को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में मकवाना ने कहा कि बीते वर्ष 10 दिसंबर को शहरी विकास सचिव ने पर्यावरण मित्रों की आउटसोर्स भर्ती करने के आदेश दिए थे, इसके बावजूद अभी तक इस पर काम नहीं हो सका है। आयोग उपाध्यक्ष ने बैठक में नगर आयुक्त की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कर्मचारियों के महत्वपूर्ण मुद्दे पर बातचीत होनी थी, नगर आयुक्त को बैठक में शामिल होना चाहिए था। इस पर तो मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद प्रसाद शुक्ला ने बताया कि वे सचिवालय बैठक में है। फिर मकवाना ने उप नगर आयुक्त तनवीर सिंह से पूछा कि अभी तक पर्यावरण मित्रों की आउटसोर्स भर्ती का मामला क्यों लटका है। इस पर उप नगर आयुक्त ने बताया कि इस प्रस्ताव के लिए शासन की सैंद्वातिक अनुमति चाहिए। तनवीर सिंह ने बताया कि शासन ने ये पूछा है कि आउटसोर्स में भर्ती में कितना खर्चा आएगा। जिस पर उन्होंने जानकारी दी कि नई भर्तियों पर 29 करोड़ 79 लाख का खर्चा आने का अनुमान है।
पर्यावरण मित्रों की आउटसोर्स भर्ती का लटकने पर सफाई आयोग उपाध्यक्ष नाराज







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