अल्मोड़ा। उत्तराखंड का प्रमुख साहित्यिक एवं वैचारिक आयोजन अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल (एएलएफ) 2026 इस वर्ष अपने चौथे संस्करण के साथ 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक ऐतिहासिक मल्ला महल में आयोजित होगा। इसकी घोषणा रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में आयोजन समिति की अध्यक्ष डॉ. वसुधा पंत ने की। उन्होंने बताया कि इस बार महोत्सव साहित्य के साथ विज्ञान, संस्कृति, इतिहास, पर्यावरण, प्रौद्योगिकी, लोकतंत्र और हिमालयी समाज से जुड़े समसामयिक विषयों पर राष्ट्रीय स्तर के विमर्श का मंच बनेगा। उन्होंने कहा कि एएलएफ 2026 में देश-विदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकार, इतिहासकार, वैज्ञानिक, कलाकार, पत्रकार, शिक्षाविद, उद्यमी, नीति-निर्माता और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां भाग लेंगी। पिछले तीन सफल संस्करणों के बाद इस बार महोत्सव का दायरा और अधिक व्यापक किया गया है। महोत्सव का विशेष फोकस युवाओं की सहभागिता पर रहेगा। इसके तहत ‘रोड टू एएलएफ 2026’ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से उत्तराखंड के स्कूलों और कॉलेजों में वाद-विवाद, रचनात्मक लेखन, कथा समीक्षा, कविता, फोटोग्राफी, पॉडकास्ट, पारंपरिक व्यंजन, संस्कार गीत, प्रश्नोत्तरी और रंगमंच जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। एएलएफ 2026 में लेखक संवाद, पुस्तक विमोचन, कविता पाठ, कार्यशालाएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, बाल साहित्य, फिल्म एवं कला प्रदर्शनियां आयोजित होंगी। साथ ही कुमाऊंनी भाषा, लोक साहित्य और हिमालयी विरासत पर विशेष सत्र भी होंगे। जलवायु परिवर्तन, हिमालयी पारिस्थितिकी, जैव विविधता, आपदा प्रबंधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और नवाचार जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। आयोजकों का कहना है कि महोत्सव से स्थानीय पर्यटन, हस्तशिल्प, लोककला, प्रकाशन उद्योग और स्थानीय उद्यमों को भी बढ़ावा मिलेगा। डॉ. वसुधा पंत ने कहा कि एएलएफ केवल पुस्तकों का उत्सव नहीं, बल्कि विचार, संवाद और जन-जागरूकता का मंच है। उनका कहना था कि आने वाले वर्षों में एएलएफ को हिमालयी क्षेत्र के अग्रणी ज्ञान और संस्कृति महोत्सव के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में डॉ. दीपा गुप्ता, मनीषा पंत, मनोज गुप्ता, मीता उपाध्याय, भूषण पांडे, दीपक जोशी, डॉ. हमीद, जयमित्र सहित आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
30 अक्टूबर से होगा अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल, मल्ला महल बनेगा साहित्य और विचारों का केंद्र












Leave a Reply