देहरादून। नंदा की चौकी पुल एप्रोच रोड धंसने के मामले में लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदार कंपनी हिमालयन कंस्ट्रक्शन पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने कंपनी का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और अग्रिम आदेशों तक उसे निविदा प्रक्रिया में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है। इससे पहले इस मामले में तीन इंजीनियरों को निलंबित किया जा चुका है। 28 जुलाई 2026 को देहरादून प्रेमनगर क्षेत्र में टौंस नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड अचानक धंस गई थी। सड़क पर बड़ा गड्ढा बनने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे। यह काम अनुबंध संख्या 36/SE-09/2025-26 के तहत हिमालयन कंस्ट्रक्शन को दिया गया था। विभागीय जांच में सामने आया कि भारी बारिश और फ्लैश फ्लड के बाद अपस्ट्रीम संरक्षण दीवारl के नीचे कटाव होने से एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त हुई।
शासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य अभियंता को प्राथमिक जांच के निर्देश दिए थे। 3 अगस्त को भेजी गई रिपोर्ट में नुकसान का कारण भारी सफाई बताया गया। हालांकि मौके पर परिमार्जन गहराई का आकलन नहीं हो पाया। जांच अधिकारी ने भू-प्रवेश रडार और विद्युत प्रतिरोधकता परीक्षण कराने की जरूरत बताई है, ताकि स्कॉर की वास्तविक गहराई और पुल की संरचना पर उसके प्रभाव का वैज्ञानिक आकलन हो सके।
प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर कंपनी पर रोक लगाई गई है। अब तकनीकी जांच पूरी होने तक हिमालयन कंस्ट्रक्शन किसी भी सरकारी निविदा में भाग नहीं ले सकेगी। यह कार्रवाई केवल तकनीकी स्तर पर ही नहीं, बल्कि कंपनी की जिम्मेदारी तय करने के लिए भी की गई है।
इस मामले में हिमालयन कंस्ट्रक्शन की हिस्सेदार और बीजेपी महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कंपनी में हिस्सेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि जो भी जिम्मेदारी बनती है, उससे पीछे नहीं हटेंगी। सरकार और विभाग की ओर से जो भी कार्रवाई होगी, वह उसे स्वीकार करेंगी।
अब इस पूरे मामले में आगे की दिशा जीपीआर और ईआरटी जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। स्कॉर की वास्तविक स्थिति और पुल की संरचना पर उसके प्रभाव का आकलन होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
नंदा की चौकी पुल एप्रोच रोड धंसने पर हिमालयन कंस्ट्रक्शन कंपनी बैन










Leave a Reply