लखनऊ। योगी सरकार ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उस संदेश को पूरी तरह से भ्रामक बताया है जिसमें कहा गया है कि फ्री राशन के लिए नया मोबाइल फोन खरीदना अनिवार्य कर दिया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग के प्रमुख सचिव एवं आयुक्त अनिल कुमार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत पात्र राशनकार्ड धारकों को निःशुल्क खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था पूर्ववत सुचारु रूप से संचालित है। उन्होंने कहा है कि सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर निःशुल्क राशन प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को पहले मोबाइल फोन खरीदने तथा ओटीपी सत्यापन कराने की अनिवार्यता संबंधी प्रसारित सूचनाएं पूरी तरह भ्रामक एवं तथ्यहीन हैं। विभाग द्वारा ऐसी किसी नई अनिवार्य व्यवस्था को लागू नहीं किया गया है।खाद्य आयुक्त ने बताया कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी, सुलभ एवं लाभार्थी-केंद्रित बनाए रखते हुए प्रत्येक पात्र परिवार तक निर्धारित मात्रा में निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। इसके लिए उचित दर की दुकानों पर स्थापित ई-पॉस मशीनों के माध्यम से आधार आधारित बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण कर खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खाद्यान्न वितरण के दौरान लाभार्थी का बायोमीट्रिक कैप्चर कर यूआईडीएआई सर्वर से मिलान किया जाता है। प्रमाणीकरण सफल होने पर संबंधित राशनकार्ड पर अनुमन्य खाद्यान्न तत्काल उपलब्ध करा दिया जाता है। यदि किसी कारणवश बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण सफल नहीं होता है, तो उसी दिन दो अतिरिक्त प्रयासों की सुविधा दी जाती है।उन्होंने यह भी बताया कि तीनों बार बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण असफल होने की स्थिति में लाभार्थी का आईरिस स्कैन कर आधार प्रमाणीकरण किया जाता है। आईरिस स्कैन का मिलान सफल होने पर लाभार्थी को खाद्यान्न उपलब्ध करा दिया जाता है। यदि तीन बायोमीट्रिक प्रयासों तथा एक आईरिस स्कैन के बाद भी प्रमाणीकरण सफल नहीं होता है, तो संबंधित राशनकार्ड में सम्मिलित परिवार का कोई अन्य सदस्य निर्धारित प्रक्रिया का पालन कर खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है।
खाद्य आयुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 की मूल भावना प्रत्येक पात्र व्यक्ति की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य से वृद्धजन, दिव्यांगजन तथा गंभीर बीमारियों से ग्रस्त ऐसे लाभार्थियों के लिए, जो बायोमीट्रिक अथवा आईरिस स्कैन कराने में असमर्थ हैं, ओटीपी आधारित खाद्यान्न वितरण की वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि ऐसे राशनकार्ड धारकों के लिए प्रत्येक वितरण चक्र के अंतिम दिन विभागीय पोर्टल पर पूर्व से पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से ओटीपी आधारित खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था की गई है। यह विशेष परिस्थितियों में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संचालित वैकल्पिक व्यवस्था है, न कि सभी राशनकार्ड धारकों के लिए अनिवार्य प्रक्रिया।








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