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कश्मीर से कन्याकुमारी तक की दुल्हनों ने बिखेरे संस्कृति के रंग

देहरादून। उत्तरांचल महिला एसोसिएशन (उमा) की ओर से करवा चौथ के उपलक्ष्य में आयोजित दुल्हनें मेरे देश की प्रतियोगिता में देश की विविध संस्कृतियों के रंग देखने को मिले। कश्मीर से कन्याकुमारी तक विभिन्न राज्यों की दुल्हनों की वेशभूषा में सजी महिलाएं जब मंच पर उतरीं तो पूरा माहौल देशभक्ति और उत्साह से भर गया। प्रतिभागियों ने पारंपरिक परिधानों के साथ अपने-अपने राज्यों के गीत और नृत्यों की झलक भी प्रस्तुत की। सोमवार को प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों में बांटा गया था। 55 वर्ष से कम आयु वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागी को पिया की प्रिंसेज और 55 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की विजेता को साजन की श्रृंगारिका का खिताब दिया गया। दोनों वर्गों में दो-दो प्रतिभागियों को प्रथम और द्वितीय उपविजेता चुना गया। निर्णायक की भूमिका कविता लोहानी और सोनिया श्रीवास्तव ने निभाई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तराखंड संस्कृत साहित्य व कला परिषद की उपाध्यक्ष मधु भट्ट, समाजसेवी सीमा कालरा, उमा अध्यक्ष साधना शर्मा, सचिव नीलिमा गर्ग, कविता लोहानी व सोनिया श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उमा अध्यक्ष साधना शर्मा ने कहा कि एसोसिएशन पिछले करीब 25 वर्षों से महिला और बालिकाओं से जुड़े राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और पारंपरिक पर्वों को उत्साह के साथ मनाता आ रहा है। दुल्हनें मेरे देश की प्रतियोगिता के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि करवा चौथ अब किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि देशभर की महिलाएं इसे उत्साह से मनाती हैं। इस दौरान संध्या जोशी, अर्चना सिंघल, गुंजन और उनकी शिष्याओं ने नृत्य प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में श्वेता राय, मधु राय, प्रभा सलूजा और वंदना भट्ट सहित अन्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रतिमा शर्मा ने किया।

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