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कोरोना संकट : छोटे दुकानदारों पर कर्ज का भार, ऋण के बोझ तले दबने को मजबूर

कोटद्वार। कोरोना की दूसरी लहर के कारण नपं सतपुली में रह रहे सभी मध्यम व छोटे व्यापारी परेशान हैं। आलम यह है कोरोना के कारण कई व्यापारी कर्ज के तले डूब गए हैं । कुछ व्यापारी ऐसे हैं जिन्होंने लॉकडाउन में पहाड़ी क्षेत्र सतपुली बाजार में दुकान खोली थी लेकिन कोरोना के कारण वोलोग दुकान का किराया भी नहीं निकाल पा रहे हैं। इससे सब परेशान हैं।आइये सुनते है व्यापारियों की परेशानी उनकी जुबानी।
व्यापारी प्रेम सिंह रावत का कहना है कि हर समय किसी भी आपदा में व्यापारियों को ही अपना बलिदान देना पड़ता है । प्रत्येक आपदा के समय व्यापारी चन्दा जमा कर राहत कोष में भेजता है लेकिन इस कोरोनाकाल ने व्यापारियों को ही कंगाल बना दिया। गारमेंट्स व्यापारी मनीष डोभाल बताते हैं कि लॉकडाउन में अपने भविष्य व सुरक्षित स्वास्थ्य के लिये मैंने सतपुली में गारमेंट्स की दुकान खोली कि पहाड़ों में बीमारी का असर कम होगा और यहाँ व्यापार अच्छा चलेगा, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने पहाड़ों में भी अपना असर दिखा दिया अब हमें दुकान का किराया निकलना तक दूभर हो रखा है।
फोटोग्राफर जयपाल का कहना है कि पिछले साल भी कोरोना के कारण कई शादियां कैंसिल हुयी और इस बार भी कोरोना की दूसरी लहर के चलते शादियां कैंसिल हो रही है हम लोगो के आय का जरिया यही होता है साल भर हम शादी के सीजन का इंतजार करते है लेकिन शादी के सीजन में कोरोना अपने चरम पर आ जाता है और हमारी रोजी रोटी को भी छीन लेता है ।
होटल व्यवसायी राहुल नेगी का कहना है किकोरोनाकाल के बाद कुछ महीने पहले से काम बढ़ गया था लेकिन अचानक से कोरोना की दूसरी लहर आने से सब कुछ खत्म हो गया अगर कुछ समय ऐसा ही रहा तो व्यापारियों को राहतकोष की आवश्यकता होगी क्योंकि अब उन्हें कर्मचारी व परिवार पलना भारी पड़ रहा है।
सतपुली व्यापार मण्डल अध्यक्ष जयदीप नेगी का कहना है कि बाजार को हफ्ते के चार दिन खुलने की समय सीमा बढ़ाकर खोला जाये और तीन दिन पूर्ण रूप से बंद रखा जाये । क्योंकि दोपहर दो बजे तक खुलने पर दुकानों में भीड़ बहुत ज्यादा हो रही है जिससे संक्रमण का खतरा बना रहता है। महामंत्री धीरेन्द्र नेगी का कहना है सभी व्यापारी कोरोना की दूसरी लहर की मार झेल रहे हैं पहले ही कोरोनाकाल ने व्यापारियों की कमर तोड़ कर रख दी है शासन को छोटे व्यापारियों की सुध लेनी चाहिए और व्यापारियों के कर्ज व उनके व्यापार में हो रहे नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। व्यापार मण्डल कोषाध्यक्ष सुनील डंडरियाल कहते है कि इस कोरोनाकाल में व्यापारी को हर तरफ से मार झेलनी पड़ रही क्योंकि व्यापारी हमेशा ग्राहकों के सम्पर्क में रहता है जिससे उसे संक्रमण का खतरा बना रहता है । सतपुली 70 प्रतिशत युवा व्यापारी है अभी तक युवा व्यापारियों को वैक्सीन तक नही लग पायी है ऐसे में व्यापारी व उनका परिवार कहाँ तक सुरक्षित है ।