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इमरजेंसी सेवा के लिए डाक्टर न होने पर लोगों में आक्रोश

चम्पावत। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बाराकोट में 24 घंटे इमरजेंसी डाक्टर के तैनात रहने के सीएमओ के आदेशों का खुला मखौल उड़ाया जा रहा है। बुधवार सुबह घायल को देखने के लिए एक डाक्टर के मौजूद न होने पर लोगों में आक्रोश छा गया। लोगों ने अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर गहरी नाराजगी जताई। बुधवार की सुबह पम्दा गांव के रिटायर्ड शिक्षक गोपाल दत्त जोशी मॉर्निंग वॉक पर गए हुए थे। इसी दौरान एकाएक संतुलन बिगडऩे से वह तड़ाग के पास गहरी खाई में गिर गए। गिरीश चंद्र जोशी और भगवानदास वर्मा ने लड़ीधुरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष नगेंद्र जोशी को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही अध्यक्ष नगेंद्र के साथ दुर्गेश चंद्र जोशी, हिमांशु जोशी, देवेश जोशी, उत्तम सिंह नेगी और तड़ाग के ग्रामीणों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में ताला लटका होने के बाद सूचना पर फार्मासिस्ट मनोज कुमार वर्मा ने प्राथमिक उपचार के बाद घायल को हायर सेंटर भेजा। लोगों ने अस्पताल में इमरजेंसी सेवा के लिए डाक्टर न होने पर गहरी नाराजगी जताई। नगेन्द्र जोशी सहित अन्य लोगों ने कहा बीते दिनों सीएमओ के आदेश के बाद भी अस्पताल की व्यवस्थाएं नहीं सुधरी हैं। अस्पताल में एक भी डाक्टर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द स्वास्थ्य विभाग व्यवस्थाओं को नहीं सुधारता है तो वह आंदोलन की राह पकड़ेंगे।

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