काशीपुर। बीते लगभग एक माह बाद बीती रात हुई झमाझम बरसात के बाद जहां लोगों ने भीषण गर्मी से राहत ली। वहीं किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आई। उधर पहाड़ों पर बरसात के चलते महीनेभर से सूखी ढेला नदी में देर रात जलस्तर बढऩे के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया। नदी के आसपास रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया। लगभग एक महीने से पड़ रही भीषण गर्मी के चलते जहां आमजन खासा परेशान था वहीं किसान बरसात नहीं होने से अपनी धान की फसल को लेकर चितिंत थे। इसी बीच शनिवार की देर रात शुरु हुई बरसात रविवार को भी जारी रही। इससे नदी-नालों का जल स्तर बढ़ गया। सिंचाई विभाग के एसडीओ दीपक शर्मा ने बताया बीती रात हुई बरसात के चलते ढेला नदी में 16 हजार 850 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे महीनों से सूखी ढेला नदी में अचानक जल स्तर बढ़ गया। हालांकि इससे किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। एसडीओ ने बताया तुमडिय़ा डेम का भी जल स्तर बढऩे लगा है। सुबह 10 बजे तक डेम का जलस्तर 823.5 फीट पहुंच गया था। जबकि डेम की क्षमता 857 फीट तक है। बताया अब डेम में पानी आने से किसानों को भी राहत मिलेगी और इससे जुड़ी नहरों में पानी छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया काशीपुर क्षेत्र में 70 एमएम बरसात रिकार्ड की गई है।वहीं उप राजस्व निरीक्षक/प्राथमिक पाठशाला मिस्सरवाला बाढ़ चौकी प्रभारी सरताज अली खां और चकबंदी पटवारी सत्यवली ने बताया ढेला में जल स्तर बढऩे ढेला किनारे पुष्पक विहार कॉलोनी में लगभग पांच-छह मकान और लक्ष्मीपुर पट्टी में एक कबाड़ी की झोपड़ी तक पानी पहुंच गया था।
हालांकि इन परिवारों में रहने वालों को किसी भी तरह से कोई नुकसान नहीं हुआ है। सरताज अली ने बताया ढेला नदी किनारे बसे उक्त लोगों को कई बार चेतावनी दी गई, बावजूद इसके यह लोग यहां से हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने बताया अपराह्न एक बजे से ढेला का जल स्तर गिरने लगा है। फिलहाल अभी किसी भी तरह से कोई खतरे की बात नहीं है।
ढेला नदी में 16 हजार 850 क्यूसेक पानी छोड़ा





