पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ के बंगापानी निवासी मनोज कुमार बीते दो सप्ताह से कोटगाड़ी मंदिर परिसर में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। शनिवार को उनके जहर खाने से तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद आनन फानन में पिथौरागढ़ अस्पताल लाया गया। अब उनकी हालत पहले से बेहतर बताई जा रही है।
बंगापानी निवासी मनोज कुमार का आरोप है कि वर्ष 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को किसी व्यक्ति ने बम से उड़ाने की धमकी दी थी जिसके बाद देहरादून पुलिस ने उसे झूठा फंसा कर कार्यकाल में डाल दिया। इस दौरान मनोज ने पुलिस पर उत्पीड़न करने का आरोप भी लगाया। इस मामले में उसे करीब 4 माह की जेल सजा काटनी पड़ी थी। 11 जनवरी 2017 को अदालत ने मनोज कुमार को दोषमुक्त कर दिया था।
मनोज कुमार का कहना है कि झूठे मुकदमे की वजह से उनके लाखों रुपए खर्च हो गए और उनका भविष्य बर्बाद हो गया। कई बार धरना प्रदर्शन और आमरण अनशन करने पर प्रशासन की ओर से उसे नौकरी का कोरा आश्वासन दिया। बीते 17 नवंबर से मनोज कुमार कोटगाड़ी मंदिर परिसर में बिच्छू घास पर बैठकर भूख हड़ताल पर है, परंतु किसी भी जनप्रतिनिधि ने उनकी तरफ ध्यान नहीं दिया। तनाव में आकर मनोज ने शनिवार को जहरीला पदार्थ खा लिया जिससे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद उन्हें पिथौरागढ़ लाया गया जहां चिकित्सकों द्वारा उपचार करने के बाद उनकी हालत ठीक बताई जा रही है।



