देहरादून। बॉटनी की प्रोफेसर रही 78 वर्षीय विजयलक्ष्मी का निधन हो गया। वह मरने के बाद भी अमर हो गई। उनकी अंतिम इच्छा के मुताबिक परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर को दून मेडिकल कॉलेज के एनॉटमी विभाग को दान कर दिया। देहदान दधीचि देहदान समिति के माध्यम से कराया गया। एचओडी डा. एमके पंत ने बताया कि विजयलक्ष्मी एक कॉलेज में बॉटनी विषय की प्रोफेसर रही है एवं उनके सभी परिजन शिक्षाविद एवं चिकित्सक हैं। उनके पति शिवपाल सिंह एवं परजिनों को फाइकस का पौधा सौंपा गया। उस पौधे को अपने घर के प्रांगन में रौपकर उनकी स्मृति को सहेजकर रखेंगे। इस दौरान एनाटॉमी विभाग से डॉ. पीयूष, डॉ. राजेश मौर्य, डॉ. अभिनव, डॉ. अंजली, समिति से डॉ. अतुल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
मेडिकल छात्रों के काम आएगा प्रोफेसर विजयलक्ष्मी का पार्थिव शरीर







