रुद्रप्रयाग। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रतूड़ा में जनपद स्तरीय इंस्पायर अवार्ड प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जनपद के तीनों विकास खंडों के विभिन्न विद्यालयों के बाल वैज्ञानिकों ने अपने मॉडल व प्रोजेक्ट के साथ प्रतिभाग किया। राज्य स्तर के लिए प्रथम 6 बाल वैज्ञानिकों का चयन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मुख्य शिक्षा अधिकारी। बीपी सिमल्टी द्वारा बाल वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किये गए मॉडल व प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार का आयोजन विद्यालय स्तर पर भी किया जाना चाहिए। जिससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित की जा सके। इस प्रकार की सोच बच्चों में विकसित करने में मार्गदर्शक शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए डाइट रतूड़ा की पूरी टीम को बधाई दी। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी वाईएस रावत ने भी बाल वैज्ञानिकों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चों ने उच्चस्तरीय मॉडल व प्रोजेक्ट तैयार किए हैं। इसे पीछे शिक्षकों की महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि इंस्पायर अवार्ड को व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। इसमें शिक्षकों के भी सहयोग की आवश्यकता है। प्रधानाचार्य राइका रतूड़ा एससी त्रिपाठी ने नन्हे बाल वैज्ञानिकों के हुनर की प्रशंसा की।
छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सृजनशील शिक्षक ही इस प्रकार के कार्यों के लिए छात्रों को प्रेरित करते है। इंस्पायर अवार्ड के जिला समन्वयक रमेश चंद्र मैठाणी व पीयूष शर्मा इंस्पायर अवार्ड से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी से बाल वैज्ञानिकों को अवगत कराया। निर्णायक मंडल के सदस्य डॉ सुबोध गैरोला कुमारी गरिमा, डॉ विनोद कुमार यादव ने कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक तकनीकी स्वयं करके आधारित विषय वस्तु को ध्यान में रखते हुए मॉडल प्रोजेक्ट बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रवक्ता भुवनेश्वरी चंदानी ने किया। इस अवसर पर डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता एसबी डिमरी, आनंद प्रसाद, सती अनिल चौक, कांता भंडारी, राखी बिष्ट, रचना, पूरी आरती चौधरी। ब्लॉक समन्वयक पंकज भट्ट, पीयूष शर्मा, देवानंद गैरोला, अरविंद गैरोला, शीशपाल पंवार, डीपी पांडेय, आरसी चमोला, टीएस रावत, बीएस गुसाईं, एसएस राणा, संगीता राणा आदि मौजूद थे।
राज्य स्तर के लिए हुआ 6 बाल वैज्ञानिकों का चयन



