सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में प्रतिभाओं की कमी नही है। अल्मोड़ा से निकलकर अनेक प्रतिभाएं अब तक देश दुनिया में अपनी पहचान बना चुकी हैं। अब एक ऐसे ही प्रतिभा के धनी अल्मोड़ा के उभरते हुए कलाकार संगीत की दुनिया मे अपना जादू बिखेरने को बेताब है। अल्मोड़ा के युवा गायक आदित्य नेगी का एक एल्बम कवर सॉन्ग ‘मांझा’ इन दिनों युवाओं में खासा लोकप्रिय बना हुआ है। उनका यह एल्बम सॉन्ग यू ट्यूब में धूम मचाया हुआ है। जिसके बाद आदित्य युवाओ में काफी लोकप्रिय हुए हैं।

युवा कलाकार आदित्य नेगी को बचपन से म्यूजिक के प्रति काफी दीवानगी थी। उनकी इसी दीवानगी ने उन्हें 2013-14 में संगम कला ग्रुप में प्रतिभाग करने को प्रोत्साहित किया। जिसके बाद इस प्रतियोगिता में उन्होंने पहला स्थान पाया और दिल्ली के तालकटोरा में आयोजित प्रतियोगिता में अल्मोड़ा का प्रतिनिधित्व किया। यहाँ से आदित्य नेगी का संगीत सफर शुरू हुआ। वह विगत लंबे समय से फ़िल्म नगरी मुंबई में संगीत के क्षेत्र में संघर्षरत है। उनका कहना है कि वह आगे चलकर संगीत से पहाड़ और यहाँ की संस्कृति को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे।
बकौल आदित्य नेगी का कहना है कि जब वह सिर्फ कक्षा 4 में पढ़ते थे तब से उन्हें संगीत के प्रति रुचि जगी। आगे चलकर उन्होंने 10वीं कक्षा से गाने गाने शुरू किए। आगे की पढाई भी उन्होंने संगीत से ही पूरी की। बताया कि हल्द्वानी में उन्होंने बंगाल घराने की संगीत शिक्षिका शर्मिष्ठा चक्रवर्ती से संगीत की शिक्षा ली। अभी वह मुंबई में विगत 2 सालों से जाने माने संगीतज्ञ अभिजीत घोषाल से संगीत की शिक्षा दीक्षा ले रहे थे। अब तक वह कई स्टेज शो कर चुके हैं इसके अलावा स्वरचित कैसे कटे मोरी रैन और इसके अलावा मलंग, मांझा कवर सॉन्ग निकाल चुके हैं। हाल ही में आया आदित्य नेगी का एल्बम सॉन्ग मांझा से वह काफी लोकप्रिय हुए हैं। जिसके बाद उभरते युवा गायकों में उनकी गिनती होने लगी है।






