विकासनगर। नाबालिग का अपरहण कर शादी कराए जाने के मामले में अधिवक्ता की गिरफ्तारी को लेकर पछुवादून बार एसोसिएशन मुखर हो गई है। बार एसोसिएशन ने पुलिस पर बिना जांच पड़ताल किए अधिवक्ता के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। गुरुवार को तहसील मुख्यालय स्थित बार भवन में मीडिया से रूबरू होते हुए एसोसिएशन के सचिव संजय गुप्ता ने कहा कि पूरे मामले में पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। कहा कि जिस लड़की को नाबालिग बताया जा रहा है, उसके दस्तावेजों में उम्र 19 साल दर्ज है। शादी के लिए लड़की ने आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र अधिवक्ता के पास जमा कराए थे, दोनों ही दस्तावेजों में उम्र 19 साल अंकित है। उन्होंने कहा कि पुलिस को पूरे मामले की जांच करने के बाद कार्रवाई करनी चाहिए थी। इसमें अधिवक्ता ने लड़की की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों के आधार पर ही शादी कराने के लिए हामी भरी थी। अगर कूटरचित दस्तावेज पेश किए गए तो इस मामले की भी जांच होनी चाहिए। बार एसोसिएशन के सचिव ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली से लगता है कि पूरी कार्रवाई दुर्भावना से ग्रसित होकर की गई है। उन्होंने पूरे मामले की जांच करने की मांग करते हुए कहा कि जांच से पूर्व अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। इस दौरान बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयपाल चौधरी, अनिल कांडपाल, बबीता शर्मा आदि मौजूद रहे। उधर, इस मामले में कोतवाल विकासनगर राजेश शाह ने कहा कि पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर ही अधिवक्ता की गिरफ्तारी की गई है। दुर्भावना से ग्रसित होकर गिरफ्तारी की बात गलत है।
अधिवक्ता की गिरफ्तारी पर बार एसोसिएशन ने उठाए सवाल




