देहरादून। कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री डॉ. सोनिया आनंद रावत ने गढ़ी कैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड में आयोजित एग्रो मित्र कृषि मेले में नियमों को ताक पर रखकर एक निजी कंपनी को पहले से ही टेंडर देने का आरोप लगाया है। शनिवार को मसूरी में आयोजित पत्रकार वार्ता में सोनिया आनंद ने कृषि विभाग में बड़े स्तर पर हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कहा कि मेले के उद्घाटन से पहले ही कंपनी का पूरा सेटअप लग जाना यह स्पष्ट करता है कि टेंडर प्रक्रिया मात्र औपचारिकता थी। डॉ. रावत ने सवाल उठाया कि किसानों के नाम पर जारी करोड़ों रुपये किसके संरक्षण में लुटाए गए, जबकि किसान आज खाद, बीज और दवाओं के लिए परेशान है। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि चहेतों के संरक्षण में किया गया सुनियोजित घोटाला है। डॉ. रावत ने मांग की कि कृषि मेले के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कृषि मेले से जुड़े सभी टेंडरों को सार्वजनिक किया जाए, घोटाले की सीबीआई जांच हो।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि घोटाले को दबाने की कोशिश हुई तो कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। कहा कि मेले का मकसद यहां के पेड़ पौधों को आगे बढ़ाना था जिसमें एक बड़े नेता को भी आना था जिसे अचानक निरस्त किया गया। दावा किया कि टेंडर में बड़ी गड़बडी की गयी व रातों रात मेले को निरस्त किया गया। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष गौरव अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस नेत्री सोनिया आनंद ने जो मुद़दा उठाया है उसकी सीबीआई जांच की जानी चाहिए। प्रेस वार्ता में सुन्दर सिंह रावत, मुकेश टम्टा, संजय टम्टा, गोविन्द नौटियाल, गीता जोशी, सीता शर्मा प्रदीप, प्रयास, राम कृष्ण राही, साजिद सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।





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