ऋषिकेश। मनरेगा का नाम और स्वरूप में बदलाव को लेकर कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया है। इसके विरोध में कांग्रेसियों ने विभिन्न जगहों पर उपवास रखकर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर मनरेगा के मूल स्वरूप को बदल कमजोर करने और मजदूरों का हक छीनने का आरोप लगाया। रविवार को छिद्दरवाला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपवास रख प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला और ब्लॉक अध्यक्ष व प्रधान गोकुल रमोला ने कहा कि मनरेगा महात्मा गांधी के विचारों से निकली वह योजना है, जो गांव, गरीब और मजदूर को सम्मान के साथ जीने का अधिकार देती है। आज भाजपा सरकार इस योजना को कमजोर कर गरीबों से उनका हक छीनने का काम कर रही है। यह सीधा-सीधा महात्मा गांधी के विचारों पर हमला है। जब देश बेरोजगारी और महंगाई से जूझ रहा है, तब सरकार को रोजगार बढ़ाने की जरूरत है, न कि योजनाओं को खत्म करने की व मनरेगा सिर्फ रोजगार योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार की नीतियों के कारण मजदूरों को समय पर काम और भुगतान नहीं मिल पा रहा, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। क्षेत्र पंचायत सदस्य रवि राणा व ज्येष्ठ प्रमुख धनवीर बेंदवाल ने कहा कि गांधी जी ने अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की बात कही थी। मनरेगा उसी सोच का परिणाम है, लेकिन आज सरकार इसे खत्म करने पर तुली है। कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष करेगी। जब तक मनरेगा को मजबूत नहीं किया जाता और मजदूरों को उनका अधिकार नहीं मिलता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उपवास कार्यक्रम में पंचायत सदस्य कुंवर सिंह गुसाईं, जितेंद्र त्यागी, कमल रावत, रोशन व्यास, मदन भंडारी, आशा सिंह चौहान, हरि सिंह नेगी, कृपाल सिंह सरोज, जय बहुगुणा, मोहर सिंह चौहान, हरभजन सिंह चौहान, पूरण चंद, के के थापा, दीपक नेगी, अमन पोखरियाल,कमल बिष्ट, मनोज पंवार आदि उपस्थित रहे। ————– मजदूरों का हक छीन रही केंद्र सरकार: मोहित उनियाल डोईवाला। मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत धार्मुचक स्थित आंबेडकर पार्क में बाबा साहेब की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपवास रख केंद्र सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा के मूल स्वरूप को बदलकर गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात कर रही है। केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन कर दिया है। सरकार ने भले ही रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 करने का दावा किया हो, लेकिन इसके पीछे की ‘कानूनी गारंटी’ को खत्म कर दिया गया है। उपवास में नगर अध्यक्ष करतार नेगी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अश्विनी बहुगुणा, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोज नौटियाल, सभासद गौरव मल्होत्रा, अमित सैनी, मोहित कप्रवान, इंद्रजीत सिंह लाड़ी, सुनील बर्मन, राहुल सैनी, रेखा कांडपाल सती, भारत भूषण कौशल, स्वतंत्र विष्ट, उमेद बोरा, जितेंद्र कुमार, शार्दूल नेगी, तेजपाल सिंह मोंटी, विनय मुरली, राहुल बहुगुणा, अमन बहुगुणा, वीरेंद्र पेगवाल, जावेद अली, रमेश सकलानी आदि उपस्थित रहे।
मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेसियों ने रखा उपवास




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