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मलिन बस्तियों के नोटिस निरस्त करवाने डीएम कार्यालय पहुंचे कांग्रेसी

देहरादून। मलिन बस्तियों को दिए ध्वस्तीकरण के नोटिस निरस्त करवाने की मांग को लेकर कांग्रेसियों ने गुरुवार को डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से राज्यपाल को भी ज्ञापन भेजा। कहा कि राज्यपाल इस मामले में जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर गरीबों को राहत दें। पूर्व विधायक राजकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ही प्रभावित बस्ती के लोग नगर निगम परिसर में एकत्रित हुए। यहां से जुलूस के साथ डीएम कार्यालय तक नारेबाजी करते हुए कूच किया। डीएम कार्यालय के बाहर भी प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और प्रशासनिक अधिकारी को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि बस्ती में रहने वाले लोगों के घर धमका कर तोड़े जा रहे हैं। जो लोग सालों साल से यहां रह रहे हैं, आखिर उन्हें किस आधार पर हटाया जा रहा है। ध्वस्तीकरण को पहुंच रही टीम बिजली, पानी के बिलों को आधार मानने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि बस्तियों में सांसद, विधायक निधि से लेकर हर विभाग ने विकास कार्य किए हैं। ऐसे अब बस्तियों को कैसे अवैध ठहराया जा रहा है। उन्होंने 2016 में तय नीति के अनुसार मालिकाना हक दिए जाने की मांग की। कांग्रेस प्रदेश महासचिव गोदावरी थापली ने नगर निगम और एमडीडीए की ओर से जारी ध्वस्तीकरण के नोटिसों की फिर से जांच की मांग की है। साथ ही कहा कि अगर यहां सरकारी बजट से विकास कार्य किए गए हैं तो फिर बस्तियां अवैध कैसे करार दी जा रही हैं। प्रदर्शन में महानगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, प्रदेश महामंत्री गोदावरी थापली, निवर्तमान पार्षद निखिल कुमार, सोमप्रकाश वाल्मीकि, अर्जुन सोनकर, उर्मिला थापा, मालती सिंह, प्रकाश नेगी, दीप चौहान, जहांगीर खान, कुलदीप कोहली, दीप वोहरा, दीपा चौहान, इमराना प्रवीन, आशू रतूड़ी समेत बड़ी संख्या में प्रभावित शामिल हुए।