ऋषिकेश। प्रयोगात्मक परीक्षाओं में पारिश्रमिक का भुगतान न होने सहित अन्य समस्याओं को लेकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने नाराजगी जताई है। उन्होंने विवि प्रशासन से जल्द इन मांगों पर कार्यवाही की मांग की। शनिवार को श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय परिसर ऋषिकेश में विवि शिक्षक संघ (सूटा) की बैठक आयोजित हुई। शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. एनके शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में कई ऐसे शिक्षक हैं, जिन्हें पुरानी पेंशन स्कीम तथा करियर एडवांसमेंट का लाभ दिया जाना है। ऐसे प्रकरण पर विश्वविद्यालय द्वारा धीमी प्रगति की जा रही है। इस प्रक्रिया को जल्द किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रयोगात्मक परीक्षाओं में पारिश्रमिक का भुगतान न होने पर आगामी सत्र से प्रयोगात्मक परीक्षाओं का सामूहिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया। प्रायः देखने में आता है कि विश्वविद्यालय द्वारा अधिकांश दायित्व या कार्यों को मौखिक आदेश के रूप में ही दिया जाता है। भविष्य में लिखित आदेशों पर ही अनुपालन किया जाएगा। विवि के किसी भी प्रशासनिक अधिकारी द्वारा या किसी अन्य द्वारा शिक्षकों की सम्मान और गरिमा को उसके आचार व्यवहार द्वारा यदि ठेस पहुंचाई जाती है, तो संघ इसका पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने कुल सचिव के कार्य प्रणाली और उनके शिक्षकों के प्रति व्यवहार को लेकर रोष व्यक्त किया। बैठक में संघ सदस्यों ने शैक्षिक परिषद और आरडीसी की बैठकों में सभी सदस्यों को स्टिंग चार्ज का प्रावधान देने, विवि द्वारा गठित विभिन्न समितियां में तीनों संकायों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने, डीन ऑफ फैकल्टी अफेयर्स के पद का सृजन करने की मांग की। मौके पर संघ के सचिव एपी दुबे, उपाध्यक्ष प्रो. कल्पना पंत, डॉ. हेमंत सिंह, कोषाध्यक्ष प्रो. बीएन गुप्ता, संयुक्त सचिव कृष्णा नौटियाल, कार्यकारिणी सदस्य प्रो. वीपी श्रीवास्तव, प्रो. दीप शर्मा, पुष्कर गौड़ आदि उपस्थित रहे।



