कोटद्वार। पूर्व सैनिक परिषद के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मालन पुल निर्माण कार्य का आरंभ नहीं होने पर रविवार को रोष जताया। कहा कि प्रदेश सरकार इस संबंध में उदासीन रवैया अपनाए हुए है, जिसका खामियाजा भाबर क्षेत्र के लोगों को एक बार फिर भुगतना पड़ सकता है। शनिवार को अपर कालाबड़ स्थित कार्यालय में आयोजित परिषद की बैठक में वक्ताओं ने कहा कि मालन पुल को टूटे एक साल होने वाला है। लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से पुल की मरम्मत को लेकर टेंडर जारी करने के अलावा कुछ कार्य नहीं किया गया है। अब दो महीने बाद बरसात का मौसम फिर से आने वाला है। ऐसे में भाबर वासियों को फिर से लंबी दूरी तय करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। कहा कि जनप्रतिनिधियों का उदासीन रवैया भाबर क्षेत्र की जनता पर भारी पड़ सकता है। इसलिए बरसात से पूर्व पुल की मरम्मत की जानी चाहिए। बैठक में अध्यक्ष जीके बड़थ्वाल, सीपी डोबरियाल, अनूप बिष्ट, सुरेश रावत, संजय असवाल, विनोद ध्यानी, अजय नेगी, रामप्रकाश बड़थ्वाल, राजे सिंह नेगी, मनमोहन रावत और अनुराग नेगी आदि थे।
मालन पुल निर्माण में देरी पर रोष जताया




