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किसानों ने सीखे मशरूम उत्पादन के गुर


आरएनएस ब्यूरो

सोलन। कृषि विज्ञान केंद्र, सोलन द्वारा आर्य प्रोजेक्ट के अंतर्गत मशरूम उत्पादन विषय पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। केन्द्र के प्रभारी डॉ. जितेन्द्र चौहान ने बताया कि आर्या प्रोजेक्ट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के लुधियाना स्थित क्षेत्रीय परियोजना निदेशालय द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र को दिया गया है, जिसका मकसद जिले में मशरूम उद्यमी तैयार करना है।
इस प्रशिक्षण की संयोजक डॉ. आरती शुक्ला ने बताया कि शिविर के दौरान युवा प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन से सम्बन्धित सभी विषयों पर विस्तृत रूप से जानकारी दी गई जिसमें सोलन जिला के चार विकास खण्डों के 22 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। इस शिविर में प्रतिभागियों को नौणी विश्वविद्यालय एवं खुम्ब निदेशालय के वैज्ञानिकों द्वारा बटन, ढिंगरी, मिल्की, शीटाके तथा आरीकुलेरिया मशरूम उगाने की विधियों की विस्तृत जानकारी दी गई।  साथ-साथ खुम्ब भवन में बैग के रखरखाव, बीमारियों एवं कीट का प्रबंधन तथा मशरूम के मूल्य संवर्धन के विषय में भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं को ढिंगरी उगाने की विधि जैसे कि पोषाहार तैयार करना व बीज मिलाना इत्यादि प्रैक्टिकल के माध्यम से दिखाया गया।

इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को खुम्ब निदेशालय चम्बाघाट, विश्वविद्यालय की स्पॉन (बीज) उत्पादन प्रयोगशाला एवं प्रगतिशील मशरूम उत्पादक, कोयल गांव निवासी श्री अमित ठाकुर के मशरूम फार्म पर भी ले जाया गया जहां इन्होनें विशेषज्ञों से मशरूम उत्पादन पर चर्चा की तथा अपने सभी संशयों का निवारण किया। कार्यक्रम के अंत में उद्यान विभाग के अधिकारी एवं नाबार्ड बैंक के मैनेजर ने प्रशिक्षुओं को खुम्ब उत्पादन पर मिलने वाले अनुदान एवं बैंक से दिए जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। सभी को सर्टिफिकेट के साथ-साथ ढिंगरी का बीज एवं बैग प्रदान किए गए ताकि वे घर जाकर लघु स्तर पर मशरूम उत्पादन का कार्य आरम्भ कर सकें।