ऋषिकेश। उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग समागम में हुई भगदड़ में मारे गए 121 लोगों की आत्म शांति के लिए परमार्थ निकेतन परिवार ने शोक जताया। शनिवार को परमार्थ परिवार के सदस्यों ने गंगा आरती के जरिए मृत लोगों की आत्म शांति की प्रार्थना की। शनिवार को परमार्थ निकेतन में कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें गंगा आरती के जरिए हाथरस में मृत हुए लोगों की आत्म शांति की प्रार्थना की गई। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। अनियंत्रित भीड़ और भगदड़ के परिणाम अक्सर चोटें और मौतों के रूप में सामने आते हैं जिस पर नियंत्रण करने की तत्काल आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में हुई इस भगदड़ में पीड़ित हजारों लोगों की भीड़ का हिस्सा थे। धार्मिक उपदेश, सत्संग और अन्य आयोजन होने चाहिये, परन्तु आने वाले श्रद्धालुओं के लिये व्यवस्थाओं का इंतजाम सुचारू रूप से होना चाहिये। सत्संग में आए लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आयोजकों का प्रथम कर्तव्य हैं। हाथरस भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई जो अव्यवस्था की बहुत बड़ी कमी को उजागर करती है। इस दौरान मृत लोगों की आत्मा की शान्ति व घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिये विशेष यज्ञ किया गया। स्वामी चिदानंद ने कहा कि जल्द ही मृतकों के नाम पर 121 फलदार पौधों की वाटिका का रोपण किया जायेगा।
हाथरस हादसे के मृतकों की आत्म शांति को गंगा आरती की





