देहरादून। गवर्मेंट पेंशनर्स वैलफेयर ऑर्गेनाइजेशन उत्तराखंड की ओर से सोमवार को ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में पदाधिकारियों ने मांग उठाई कि राजनैतिक दल अपने घोषणापत्र में पेंशनरों की मांगों को भी शामिल करें। प्रदेश अध्यक्ष जेएस जैन और प्रदेश महामंत्री बची सिंह रावत ने कहा कि पेंशनरों को अतिरिक्त पेंशन का लाभ 80 वर्ष की बजाय 65 वर्ष से लागू करने, गोल्डन कार्ड का अंशदान कर्मचारियों की अपेक्षा पचास प्रतिशत लेने, प्रतिमाह एक हजार रुपये ओपीडी भत्ता देने, छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को लेकर 31 दिसंबर 2015 को जारी शासनादेश को एक जनवरी 2006 से लागू करने, तीन साल के अंतराल में भारत भ्रमण की सुविधा देने, पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने, फ्रिज किए गए महंगाई भत्ते का भुगतान करने जैसी मांगें घोषणापत्र में शामिल होनी चाहिए। बैठक में सीबी घिल्डियाल, एसके नैय्यर, भरत साह, जेएन यादव, दीप चंद्र शर्मा, डीके कर्नाटक, धीरज नेगी, जेएस चौहान, पीएस रौतेला आदि शामिल रहे।
घोषणापत्र में शामिल हों पेंशनरों की मांगें



