उत्तरकाशी। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने रविवार को पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत जिले के पारंपरिक शिल्पकारों एवं कारीगरों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना में प्राप्त होने वाले आवेदन पत्रों का सत्यापन कराने के बाद ही जिला क्रियान्वयन समिति के स्तर से अनुमोदन करें। रविवार को पारंपरिक शिल्पकारों एवं कारीगरों की सहायता के लिए संचालित पीएम विश्वकर्मा योजना की समीक्षा के लिए बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम बिष्ट ने कहा कि पारंपरिक रूप से स्थानीय शिल्प विधा एवं दस्तकारी से जुड़े पात्र लोगों को इस योजना का लाभ पहुंचाएं। भारत सरकार के निर्देशानुसार इस योजना में एक परिवार से एक ही व्यक्ति को लाभान्वित करने के साथ ही इस योजना में छूटी हुई ग्राम पंचायतों को दो दिनों के भीतर ऑन-बोर्ड कर दें। इस योजना में आवेदकों की पात्रता का सत्यापन कराने के लिए ग्राम पंचायतों एवं नगर निकायों के स्तर पर संबंधित विभागों के कार्मिकों की समिति बनाई जाय और आवेदकों से शपथ पत्र प्राप्त करने की व्यवस्था भी की जाय। बैठक में बताया गया कि जिले में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 18578 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। जिनमें से ग्राम पंचायतों एवं नगर निकायों के स्तर से 6472 आवेदन पत्रों का अग्रसारित किया गया है और जिला स्तर से 790 आवेदन पत्र संस्तुत किए जा चुके हैं। इस योजना में इस वित्तीय वर्ष के लिए 900 लोगों को लाभन्वित करने का लक्ष्य निर्धारित है। गत वर्ष योजना में 782 आवेदन पत्रों को भारत सरकार के स्तर से स्वीकृत किया गया था। जिले की 508 ग्राम पंचायतों में से 474 ग्राम पंचायतों को योजना के पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया जा चुका है। बैठक में सीडीओ जय किशन, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र शैली डबराल आदि थे।
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत जिले के पारंपरिक शिल्पकारों एवं कारीगरों को लाभान्वित करने के निर्देश



