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मुख्यमंत्री ने वर्चुअल क्लास के माध्यम से किया पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद

अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, ननूरखेड़ा, देहरादून से वर्चुअल क्लास के माध्यम से प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों से ई-संवाद किया। जनपद की समस्त तहसीलों की वर्चुअल क्लासों में मुख्यमंत्री के सम्बोधन व संवाद हेतु अनेक प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। अपने सम्बोधन में उन्होने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के समग्र विकास के लिए गांवों का विकसित होना जरूरी है। ग्राम स्वराज को साकार करना होगा। वर्तमान की चुनौतियों को अवसर में बदलना होगा।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस समय पूरा विश्व कोविड-19 के दौर से गुजर रहा है। इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने एक योद्धा के तरह की भूमिका का निर्वहन किया है। कोरोना काल में जनप्रतिनिधियों की भूमिका और अधिक बढ़ गई है। कोरोना से लड़ाई लम्बे समय तक चल सकती है, हमें सतर्कता एवं जागरूकता पर विशेष ध्यान देना होगा। भारत में यह संक्रमण को काफी नियंत्रित किया गया है। भारत में इस वायरस से मुत्यु दर बहुत कम है एवं रिकवरी रेट भी अच्छा है।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कोविड से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। आज हमारे पास वेंटिलेटर, आईसीयू, बैड एवं अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। प्रदेश में प्रतिदिन 02 हजार से अधिक कोरोना टेस्ट हो रहे हैं, कुछ और ट्रू-नेट मशीन हमें मिलने वाली है, जिससे टेस्टिंग में और तेजी आयेगी। प्रदेश में कुल 22 हजार बैड की क्षमता के कोविड केयर सेंटर बनाये गये हैं, हल्द्वानी में 500 बैड की क्षमता को एक और कोविड केयर सेंटर बनाया जा रहा है।उन्होने कहा कि भारत नेट फेज -2 परियोजना में राज्य के 12 जनपदों (हरिद्वार जनपद में पूर्व में किया जा चुका है) के 65 ब्लॉक के अंतर्गत 5991 ग्राम पंचायतों में इंटरनेट पहुचाया जाएगा। केंद्र सरकार द्वारा इसके लिए लगभग 2 हजार करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है। इससे प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में इंटरनेट पहुचने से विकास के एक नए युग आरंभ होगा व ग्रामीण अंचलों की अर्थ व्यवस्था को गति मिलेगी।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में लोगों को रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत 150 तरह के कार्य किये जा सकते हैं। जिन क्षेत्रों में लोग कार्य करना चाहते हैं, लगभग सभी प्रकार के कार्य इस योजना के अन्तर्गत आच्छादित है। प्रदेश में सीमान्त एवं लघु कृषकों के लिए 03 लाख तक का ऋण ब्याज मुक्त दिया जा रहा है। जीजीआईसी में मुख्यमंत्री के वचुअल क्लास सम्बोधन के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मनुज गोयल, जिला शिक्षा अधिकारी राय साहब यादव, प्राचार्य डायट राजेन्द्र सिंह, खण्ड शिक्षाधिकारी पी0एस0 जंगपांगी, विनोद राठौर के अलावा पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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