हरिद्वार। बुधवार को समिति के अध्यक्ष आशीष जैन और संयोजक ऋषभ कांत गिरी ने बताया कि आरटीई के तहत आर्थिक तौर पर कमजोर बच्चों को शिक्षा देने के लिए योजना चलाई जा रही है। लेकिन धर्मनगरी के कई विद्यालय बच्चों को दाखिला देने में विशेष रुचि नहीं रखते है। इस साल भी विद्यालयों की लापरवाही के कारण जिले के करीब 250 विद्यालयों ने आरटीई में पंजीकरण नहीं कराया है। अब आरटीई के लिए पंजीकरण में विद्यालयों का नाम न आने से पात्र बच्चों के अभिभावक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जरूरतमंद बच्चों को उनके अधिकार से वंचित रखा जा रहा है।
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