देहरादून। राज्य स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर शनिवार को उत्तराखंड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद के बैनर तले विभिन्न संगठनों ने परेड ग्राउंड से कचहरी तक जुलूस निकाला। इस दौरान वक्ताओं ने मूल निवास और भू कानून की मांग को प्रमुखता से उठाया। उत्तराखंड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर आयूपी, सीपीआईएम, यूकेडी, जनवादी महिला समिति, महिला मंच, चिन्हीकरण राज्य आन्दोलनकारी समिति, वरिष्ठ राज्य आन्दोलनकारी नेताजी संघर्ष समिति, सीटू, पीपुल्स फोरम उत्तराखंड, एसएफआई, एआईएलयू आदि संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता परेड ग्राउंड में एकत्रित हुए। यहां आमसभा हुई। इसके बाद सभी ने जुलूस निकालते हुए गांधी पार्क से होते हुए घंटाघर में स्व इन्द्रमणि बडोनी की मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। वक्ताओं ने सख्त भू कानून और मूल निवास की मांग उठाई। साथ ही कमजोर भू कानून के कारण पहाड़ में धड़ल्ले से जमीनों की खरीद फरोख्त होने से लोगों के भूमिहीन होने को लेकर चिंता जताई। राज्य आंदोलनकारियों को चिन्हित करने, ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने, कानून व्यवस्था ठीक करने समेत अन्य मांगें दोहराईं। कचहरी परिसर में शहीद स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उपजिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान नवनीत गुसांई, राकेश पोखरियाल, अनन्त आकाश, शिवप्रसाद देवली, लेखराज, इन्दु नौडियाल, प्रमिला रावत, निर्मला बिष्ट, सुरेन्द्र सिंह सजवाण समेत अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।
मूल निवास और भू कानून को लेकर उठाई आवाज




