विकासनगर। अन्य स्रोतों से पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य आंदोलनकारियों को दोहरी पेंशन का लाभ दिलाने के लिए जन संघर्ष मोर्चा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को तहसील मुख्यालय का घेराव किया। मोर्चा कार्यकर्ताओं ने कहा कि पेंशन आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आंदोलनकारियों के सम्मान का प्रतीक है। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ नेगी ने कहा कि हाल ही में जिला प्रशासन ने दोहरी पेंशन ले रहे राज्य आंदोलनकारियों को सिर्फ एक ही पेंशन दिए जाने का फरमान जारी किया है। इस फरमान के तहत अन्य स्रोतों से मिलने वाली पेंशन और आंदोलनकारी पेंशन में से सिर्फ एक ही पेंशन का विकल्प चुने जाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन आंदोलनकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें से अधिकांश पारिवारिक पेंशन लेने वाली श्रेणी के आंदोलनकारी हैं। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि विधायिका से जुड़े लोग एक साथ कई पेंशन ले रहे हैं। विधायिका से जुड़े लोगों पर दोहरी पेंशन का नियम लागू नहीं होता है, लेकिन जिन आंदोलनकारियों ने राज्य गठन के लिए पुलिस की बर्बरता सही, उनको उनके अधिकारों से वंचित रखना बहुत ही दुखद है। इस दोहरे मापदंड से आंदोलनकारियों में घोर निराशा है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों को मिलने वाली पेंशन कोई आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि यह एक सम्मान स्वरूप मिलने वाली धनराशि है, जिसका लाभ प्रत्येक आंदोलनकारी को मिलना चाहिए। घेराव करने वालों में मोर्चा महासचिव एवं राज्य आंदोलनकारी आकाश पंवार, दिलबाग सिंह, विजय राम शर्मा, हाजी फरहाद आलम, सलीम मुजीबुर्रहमान, प्रवीण शर्मा पिन्नी, केसी चंदेल, सतीश गुप्ता, रूपचंद, गयूर, जगदीश रावत, महेंद्र सिंघल, नरेंद्र तोमर, रियासत अली, सुरजीत सिंह, अशोक डंडरियाल, दिनेश राणा, शहजाद, बीएम डबराल, चौधरी मामराज, गजपाल रावत, किशन पासवान, राजू चौधरी, प्रमोद शर्मा, नीरज ठाकुर, मुकेश पसबोला, मदन सिंह, अनिल शर्मा, संजय पटेल, शमशाद ,जयपाल सिंह, अंकुर चौरसिया, गफूर, चौधरी फूल सिंह, सोनू गुप्ता आदि शामिल रहे।
राज्य आंदोलनकारियों को दोहरी पेंशन में छूट की मांग हेतु किया तहसील का घेराव




