देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सयुंक्त मंच के तत्वावधान में राज्य आंदोलनकारियों को राजकीय सेवाओं में 10% क्षैतिज आरक्षण बहाल करने व चिन्हीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करने की मांग को लेकर आंदोलन छठवें दिवस भी जारी रहा।
शहीद स्मारक पर पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार राज्य आंदोलनकारियों ने शंख, घण्टे, घड़ियाल बजाकर शंखनाद का कार्यक्रम किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि बहरी और झूठी सरकार को जगाने के लिए शंखनाद करके उन्हें जगाने का प्रयास किया जा रहा है। आंदोलन को समर्थन देने के लिए उक्रांद नेता शान्ति प्रसाद भट्ट भी पहुंचे। शांति प्रसाद भट्ट ने कहा कि विगत 23 वर्षों में राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा हुई है, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार को तत्काल सदन का विशेष सत्र आहूत करना चाहिये और राज्य आंदोलनकारियों का क्षैतिज आरक्षण बहाल करना चाहिए। शंखनाद में प्रतिभाग करने वालों में राम किशन, सुनीता ठाकुर, अंबुज शर्मा, विनोद असवाल, सूर्यकांत शर्मा, सुरेश शर्मा, विपुल नौटियाल, मुन्नी खंडूड़ी, जगदीश चंद पंत, आशीष उनियाल, विजय प्रताप मल्ल, गणेश डंगवाल, प्रवीण गुसाईं, मोहन रावत, प्रभात डंडरियाल, रेखा शर्मा, अभिषेक बिष्ट, रामचन्द्र नौटियाल, सत्या पोखरियाल, मीरा गुसाईं, सरला शर्मा, सुमन मैंदोला, नवनीत गुसाईं, विनोद धस्माना, खुशपाल सिंह परमार, कल्पेश्वरी, पुष्पा बहुगुणा, ममता भण्डारी, सुरेश नेगी, अजय उनियाल, प्रवीण पुरोहित, क्रांति कुकरेती, ललित जोशी, बलबीर सिंह नेगी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
राज्य आंदोलनकारियों ने शंखनाद कर मांगा क्षैतिज आरक्षण



