विकासनगर। पछुवादून बार एसोसिएशन ने बुधवार को तीसरे दिन भी सब रजिस्ट्रार कार्यालय से संबंधित कार्यों का बहिष्कार किया। इससे रजिस्ट्री कराने आए लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। इससे सुबह से ही सब रजिस्ट्रार कार्यालय परिसर में बहुत कम लोग नजर आए। अधिवक्ता कोर्ट से संबंधित न्यायिक कार्यों में लगे रहे। पछुवादून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयपाल चौधरी, सचिव संजय गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल कांडपाल ने कहा कि वर्चुअल माध्यम से रजिस्ट्री किए जाने का विरोध प्रदेश स्तर पर हो रहा है। इस प्रक्रिया के शुरू होने से सब रजिस्ट्रार कार्यालय बिचौलियों का अड्डा बन जाएगा। कहा कि वर्चुअल रजिस्ट्री के दौरान पीडी सब रजिस्ट्रार कार्यालय के कर्मचारी ही भरेंगे। इससे रजिस्ट्री कराने में देरी होगी। जनता के लिहाज से यह व्यवस्था उचित नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विकासनगर स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय में लेट-लतीफी अधिक है, इससे कई बार समय पर काम नहीं होता है।
सरकार को हो रहा राजस्व का घाटा: रजिस्ट्री संबंधी मामलों के विशेषज्ञ एडवोकेट राकेश शर्मा ने बताया कि सब रजिस्ट्रार कार्यालय में प्रतिदिन औसतन 120 रजिस्ट्री होती हैं। इनसे स्टांप शुल्क समेत एक बड़ा राजस्व सरकार को प्राप्त होता है। वकीलों के रजिस्ट्री से संबंधित कार्यों के बहिष्कार से बीते तीन दिनों में सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।


