ऋषिकेश। संत समाज को आगे आकर सनातन धर्म और राष्ट्र रक्षा की पहल करनी होगी। इसके लिये समाज के लोगों को जागरूक भी करना होगा। इसके लिये हिंदू समाज को संगठित होकर विरोधी कार्यों का प्रतिकार करना होगा। यह बात रामानंद आश्रम तपोवन में आयोजित संत सम्मेलन में संतों ने कही। तपोवन स्थित रामानंद आश्रम में आयोजित सम्मेलन में आश्रम के महामंडलेश्वर महंत अभिराम दास महाराज ने कहा कि हर हिंदू को अपने धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिये बोलने का अधिकार है। जहां भी हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, उसका मिलकर विरोध करें। उन्होंने युवाओं को अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। पूर्व मेयर अनिता ममगाईं ने कहा कि सनातन धर्म का कोई सानी नहीं है। लेकिन हम लोग विनम्र स्वभाव के होने के कारण सनातन विरोधी लोगों के खिलाफ एकजुट नहीं होते हैं। इसके लिये जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जरूरत है। खासकर नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक भी करना होगा। इस दौरान सभी ने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर पंकज शर्मा, मनीष मनवाल, विजय लक्ष्मी भट्ट, राजेश गौतम, शैलेंद्र रस्तोगी, अमित कुमार, अजय दास, दीपक मंडल, रमेश कुमार, काशीनाथ मंडल, चिरंजीव लाल, ऊषा मंडल, निहारिका, नीरज, सरमीठा, भगवती मौजूद रहे।
सनातन धर्म की रक्षा के लिये आगे आये संत समाज




