ऋषिकेश। पूर्व विधायक ओम गोपाल रावत ने टिहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र में भवनों के निर्माण के लिए तल के हिसाब से निर्माणकर्ताओं से वसूली की जा रही है। विकास के लिए बना यह प्राधिकरण अब भ्रष्टाचार का जरिया बन गया है। उन्होंने शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर यह आरोप लगाए। कहा कि जल्द ही प्राधिकरण की मनमानी के खिलाफ डीएम, कमिश्नर और मुख्यमंत्री से मिलकर जांच कराने की मांग की जाएगी। सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर संयुक्त संघर्ष समिति का गठन कर तपोवन में क्रमिक अनशन किया जाएगा। कहा कि वन टाइम सटमेंट के तहत स्थानीय लोगों को निर्माणों में राहत भी दी जानी चाहिए। वहीं, कांग्रेस नेता जगमोहन भंडारी ने कहा कि तपोवन में प्राधिकरण के मानकों को देखें तो यहां मूल निवासी घर तक नहीं बना सकते हैं। कहा कि बाहरी राज्यों के लोग धड़ल्ले से बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कर रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोग घर भी बनाना शुरू कर रहे हैं, तो उनके निर्माण को सील किया जा रहा है। कांग्रेस के देवप्रयाग जिलाध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल ने कहा कि तपोवन और आसपास क्षेत्र में चिन्हित कर लोगों पर कार्रवाई की जा रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। वार्ता में पूर्व प्रधान चैन सिंह बिष्ट, नवीन भंडारी, दिनेश भट्ट, अनुराग पयाल, लेखराज भंडारी, आशुतोष शर्मा, प्रदीप राणा, अनिल रावत आदि शामिल थे।
टिहरी विस प्राधिकरण पर संगठित डकैती का आरोप




